जगह जगह कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें अर्पित की गई श्रद्धा-सुमन
रांची। साल 1928 के ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के 119वें जन्मतिथि पर राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में उन्हें नमन किया गया। उनके सम्मान में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। मोरहाबादी स्थित एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। इस मौके पर खेल विभाग के निदेशक जिसान कमर, हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला नाथ सिंह, महासचिव विजय शंकर सिंह समेत कई लोग शामिल हुए और उन्हें नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी महानायक कहे जाने वाले मरांग गोमके की उपाधि से अलंकृत जयपाल सिंह मुंडा की 119वीं जयंती मनाई जा रही है। जयपाल मुंडा का जन्म 3 जनवरी 1903 को खूंटी जिला के टकराहातू गांव में हुआ था। जबकि उनकी मृत्यु 20 मार्च 1970 को हुई थी। मरांग गोमके ने अपने जीवनकाल में 1939 से लेकर 1970 तक 19 उच्चतम पदों पर अपनी सेवाएं दीं। वो अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के अध्यक्ष रहे। कई पदों पर निभाई अहम भूमिका वक्ताओं ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा झारखंड पार्टी के अध्यक्ष, अबुआ सकम के संपादक, सिविलयन एडवाइजर इस्टर्न कमांड सर्विस सेलेक्शन बोर्ड, मेंबर बोर्ड आॅफ सेकेंड्री एजुकेशन, चीफ बारडेन रांची एआरपी, ओनररी एसिस्टेंट टेबिनक्ल रिक्रूटिंग आॅफिसर, प्रेसिडेंट दिल्ली फ्तक्वईग क्लब, कॉमेंटेटर आनवर्ल्ड एंड पॉर्लियामेंटी अफेयर्स इन द एआईआर सर्विस, मेंबर इकॉनमी कमेटी जैसे विभागों और पदों पर रहकर उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा जयपाल सिंह चेयरमैन ध्यानचंद हॉकी टूनार्मेंट, मेबर दिल्ली रोटरी क्लब और मेंबर रेलवे बोर्ड, सहित कई पदों को सुशोभित किया था।
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