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एक नज़र में पूरी खबर
- ईडी ने 5.40 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
- जांच में पता चला कि मनोज कुमार ने विभिन्न शाखाओं में काम करते हुए मृत और निष्क्रिय पेंशनभोगियों के खातों से अवैध लेन-देन कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की।
- ईडी ने इस घोटाले से अर्जित धन को संपत्ति खरीदने में निवेश करने और 97.92 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है।
ईडी ने 5.40 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में चार्जशीट दाखिल की
रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से संबंधित 5.40 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले के मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी उर्फ नीतू देवी के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। यह चार्जशीट 26 मार्च को रांची की विशेष अदालत में प्रस्तुत की गई। इससे पहले, ईडी ने 17 मार्च को आरोपितों से संबंधित 97.92 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था।
जांच के विवरण
जांच के अनुसार, मनोज कुमार ने जनवरी 2013 से सितंबर 2020 के बीच विभिन्न शाखाओं में काम करते हुए एक सुनियोजित तरीके से बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया। जांच में यह बात सामने आई है कि उन्होंने मृत और निष्क्रिय पेंशनभोगियों, निरक्षर किसानों के केसीसी खातों और अन्य खातों से अवैध लेन-देन कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। यह घोटाला साहिबगंज और दुमका की कई शाखाओं से संबंधित है, जहां ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
धन का उपयोग और संपत्तियों की जब्ती
ईडी के अनुसार, इस फर्जीवाड़े से अर्जित धन को मनोज कुमार ने अपने परिवार और सहयोगियों के खातों के माध्यम से घुमाया और बाद में इसे संपत्ति खरीदने में निवेश किया। उनकी पत्नी नीतू कुमारी पर भी आरोप है कि उन्होंने अपने बैंक खाते के जरिए इस अवैध धन के लेन-देन में सहयोग किया। सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई इस जांच में यह भी पाया गया कि मनोज कुमार ने आय से अधिक संपत्ति भी प्राप्त की। छापेमारी के दौरान 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। जब्त की गई संपत्तियों में साहिबगंज में एक आवासीय मकान और पटना के बेली रोड इलाके में दो फ्लैट शामिल हैं। वर्तमान में इन संपत्तियों की स्थायी जब्ती की प्रक्रिया जारी है और मामला अदालत में विचाराधीन है।
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