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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
जातिगत भेदभाव पर बोले आलोक कुमार, समाज के लिए है हानिकारक
रांची में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाहक आलोक कुमार ने जातिगत भेदभाव को समाज के लिए गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सभी को एक यथार्थ उद्देश्य पर एकजुट होकर काम करना चाहिए, और किसी भी तरह के छोटे और क्षुद्र प्रेरणाओं के लिए बंटना नहीं चाहिए।
आलोक कुमार ने यह वक्तव्य रांची के चुटिया क्षेत्र में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में दिया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने देव और दानव के बीच युद्ध के एक महत्वपूर्ण उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देवता हार रहे थे, तब उन्होंने एकजुट होकर लड़ाई लड़ी और विजयी हुए। इसलिए, हमारी एकजुटता अनिवार्य है।
रविवार को एकजुटता की आवश्यकता की चर्चा
उन्होंने महर्षि बाल्मीकी और संत रविदास जैसे महापुरुषों का उल्लेख करते हुए भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता जताई। आलोक कुमार ने कहा कि सनातन और हिंदुत्व के सिद्धांतों के अंतर्गत, हम सभी को एकजुट होकर समाज के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्र के हर कोने में 70,000 से अधिक स्थानों पर ऐसे आयोजनों का आयोजन करना है, जिसमें करोड़ों लोग भाग ले चुके हैं।
महंत राजू दास का संदेश: एकजुट होकर बढ़ना संभव
अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने हिंदुओं से आह्वान किया कि वे क्षेत्र, भाषा और जाति के नाम पर कभी बंटें नहीं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में यदि 500 हिंदू भी एकजुट होकर विरोध करते तो स्थिति भिन्न होती। उन्होंने आरएसएस के प्रयासों की सराहना की, जिनका उद्देश्य हिंदू समुदाय को संगठित करना है।
महंत राजू ने उल्लेख किया कि हिंदुओं के लिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में 500 वर्ष लगे और इसके पीछे कई लड़ाइयां हुईं। उन्होंने पाकिस्तान में हिंदुओं की दुर्दशा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर मंदिरों का नष्ट होना इस असंगठितता का परिणाम है।
समाज में बदलाव और जिम्मेदारी का महत्व
महंत राजू दास ने समाज में छुआछूत के खिलाफ एकजुटता की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें वोट बैंक की राजनीति से बचना चाहिए और असमर्थ को भी वोटर बनाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, परिवारों को प्रेम और संस्कारों की ओर ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चे सही मार्ग पर चल सकें।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक गिरिधारी महतो और आरएसएस, विहिप के कई प्रमुख सदस्य मौजूद थे। चुटिया में महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा ने कार्यक्रम को सजाया, और अंत में सभी ने एक साथ भोजन का आयोजन किया।
संक्षेप में, यह सम्मेलन समाज को एकजुट होने और अपनी ताकत पहचानने का एक प्रेरणादायक कार्य था।
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