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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने एक महिला की जान ली 🚑
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक साबित हुई है। यहां बरलंगा थाना क्षेत्र की 108 एंबुलेंस एक महीने से खराब पड़ी है, जिसके कारण इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में समस्याएँ आ रही हैं। हाल ही में एक सड़क दुर्घटना के दौरान एक महिला की जान एंबुलेंस की खराबी के कारण चली गई।
घटना का विवरण
रविवार को सुबह करीब 8 बजे, रजरप्पा मंदिर से लौटते समय एक अर्टिगा कार (JH 05EE–5630) गोला-मुरी रोड पर सिल्ली मोड़ के पास एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बरलंगा थाना को इस घटना की सूचना दी।
एंबुलेंस की देरी
स्थानीय निवासी रंजीत कुमार ने 108 नंबर पर एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन पता चला कि एंबुलेंस खराब होने के कारण खड़ी है। इसके बाद, 20 मिनट की मेहनत के बाद एंबुलेंस को धक्का देकर चालू किया गया। एंबुलेंस ने किसी तरह 4 किलोमीटर की दूरी तय की, लेकिन इस बीच, घायलों को लगभग 40 मिनट तक तड़पना पड़ा।
दुखद परिणाम
जब स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चारों घायलों को एंबुलेंस में गोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का प्रयास किया गया, तब रास्ते में ही घायल महिला की मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दर्शाती है, बल्कि इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता भी है।
इस तरह की घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ वास्तव में मरीजों की आवश्यकताओं के अनुसार कार्य कर रही हैं।
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