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नई दिल्ली: भारत की प्रमुख बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट में सफर सेमीफाइनल में समाप्त हुआ। महिला एकल के इस मुकाबले में उन्हें चीन की विश्व नंबर दो खिलाड़ी वांग झीयी के खिलाफ सीधे गेमों में हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के साथ भारत का टूर्नामेंट में अभियान समाप्त हो गया।
सेमीफाइनल में लय बनाए रखने में असफल
सेमीफाइनल में सिंधू लय बनाए रखने में असफल रहीं और कई महत्वपूर्ण मौकों पर उन्होंने गलतियां कीं। उन्होंने पहला गेम 16-21 और दूसरा गेम 15-21 से गंवाया। मैच के दौरान अनफोर्स्ड एरर्स उनकी हार का एक बड़ा कारण बने। दबाव के क्षणों में सिंधु अपने प्रदर्शन को बेहतर नहीं कर सकीं, जिसका लाभ उनकी प्रतिद्वंद्वी ने उठाया।
दूसरे गेम में बढ़त का नुकसान
दूसरे गेम में सिंधु ने इंटरवल तक 11-6 की एक मजबूत बढ़त बनाई, लेकिन ब्रेक के बाद वह इसे बनाए रखने में असफल रहीं। वांग झीयी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और स्कोर बराबर कर दिया। सिंधु की गलतियों ने मुकाबले को उनके प्रतिद्वंद्वी के पक्ष में मोड़ दिया।
लंबे समय बाद वापसी
यह टूर्नामेंट सिंधु के लिए खास था, क्योंकि वह लंबे समय बाद कोर्ट पर लौटी थीं। पिछले साल अक्टूबर में पैर में चोट लगने के बाद यह उनका पहला टूर्नामेंट था। शुरुआत के मैचों में उन्होंने आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में वह अपनी लय को बनाए रखने में असफल रहीं।
एक वर्ष से टाइटल का इंतजार
इस हार के साथ पीवी सिंधु का टाइटल जीतने का इंतजार एक वर्ष से अधिक हो गया है। हालाँकि, उनका प्रदर्शन यह संकेत देता है कि वह धीरे-धीरे अपनी पुरानी फॉर्म की ओर लौट रही हैं। आने वाले टूर्नामेंटों में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
आगे की चुनौतियां
मलेशिया ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंचना सिंधु के लिए सकारात्मक संकेत है। चोट से उबरने के बाद उनका कोर्ट पर लौटना और उच्च स्तर के खिलाड़ियों को चुनौती देना भारतीय बैडमिंटन के लिए अच्छी खबर है। अब फैंस को उम्मीद है कि शीघ्र ही पीवी सिंधु एक बार फिर से खिताब जीतते नजर आएंगी।
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