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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
रांची में स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती चिंताएँ
रांची शहरी क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बनते जा रहे हैं। बिजली विभाग ने अप्रैल तक 3.70 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से लगभग 3.40 लाख मीटर अब तक लग चुके हैं। विभाग का दावा है कि सिर्फ 30 से 35 हजार उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाना बाकी है।
बढ़ती शिकायतें
हालांकि, इन स्मार्ट मीटरों के स्थापित होने के बाद से बिजली बिल और आपूर्ति के मामले में उपभोक्ताओं की शिकायतों में वृद्धि हो रही है। कई लोग बताते हैं कि जैसे ही स्मार्ट मीटर का बैलेंस 200 रुपये से नीचे जाता है, बिजली सप्लाई तुरंत काट दी जाती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बैलेंस कम होने या खत्म होने की सूचना समय पर नहीं मिलती, जिसके चलते बिजली अचानक कट जाती है। इसके अलावा, बैलेंस रिचार्ज करने या राशि जमा करने के बाद भी कनेक्शन फिर से चालू होने में देरी हो रही है, जिससे घरों और दुकानों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उपभोक्ताओं की मांग
स्मार्ट मीटरों से जुड़ी इन समस्याओं के चलते उपभोक्ताओं में निराशा देखी जा रही है। लोग बिजली विभाग से यह अनुरोध कर रहे हैं कि बिजली कटने से पहले उचित सूचना प्रदान की जाए और भुगतान के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति को बहाल किया जाए। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस पूरे मामले ने उपभोक्ताओं के बीच नकारात्मक भावनाओं को जन्म दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि बिजली विभाग उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेगा।
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