जामताड़ा में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला
जामताड़ा: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के चलते जामताड़ा में राजनीतिक स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाकर और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी जताई।
भाजयुमो का प्रदर्शन
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष कुणाल सिंह के नेतृत्व में यह प्रदर्शन जामताड़ा बस स्टैंड के निकट आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
कुणाल सिंह का बयान
कुणाल सिंह ने कहा कि झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक की घटना सामने आ गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगार युवाओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उनके अनुसार, जब भी कोई भर्ती परीक्षा होती है, उसमें अनियमितताएं सामने आती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि नौकरी देने में योग्य उम्मीदवारों के बजाय पैसे का खेल चल रहा है।
सीबीआई जांच की मांग
कुणाल सिंह ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की, यह कहते हुए कि निष्पक्ष जांच के बिना युवाओं का विश्वास बहाल नहीं हो सकता।
जिला महामंत्री का आरोप
जिला महामंत्री कमलेश मंडल ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, जिससे परीक्षार्थियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान गतिविधियां
प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। इस घटना में पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश राय, भाजपा नेता राजेंद्र राउत, जिला उपाध्यक्ष सुजाता सिंह, नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष चंडी चरण दे, नगर अध्यक्ष प्रदीप राउत, मिहिजाम नगर अध्यक्ष लोकेश महतो, पिंटू गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, लखिन्द्र सिंह, ब्रजेश राउत, विनोद चौबे, राजेश कुमार, अजित पासवान, मिथुन गुप्ता सहित कई अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

