बजट सत्र से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ीं, सीएम ने विधायकों के साथ रणनीति तैयार की।

by PragyaPragya
विधानसभा

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एवं गठबंधन के विधायक दल के नेता, हेमंत सोरेन ने सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि विधानसभा में आधी-अधूरी तैयारी के साथ नहीं जाना है। हर मंत्री और विधायक को अपने विभाग और महत्वपूर्ण मुद्दों की पूरी जानकारी प्राप्त करनी होगी।

“तथ्यों के साथ सरकार की उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे”

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के पास कई जनकल्याणकारी योजनाएँ और उपलब्धियाँ हैं, जिन्हें विधानसभा में मजबूती से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जवाब तथ्य और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने विपक्ष से अनुरोध किया कि सदन की कार्यवाही को सुचारू रखने में सहयोग करें।

हंगामे की स्थिति में सरकार का भी जवाब देने का इरादा

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि यदि विपक्ष गैरजरूरी मुद्दों को उठाकर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो सत्ता पक्ष मजबूती से जवाब देगा। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, राजद कोटे के मंत्री संजय प्रसाद यादव और मंत्री हफिजुल हसन समेत कई अन्य विधायक एवं मंत्री शामिल हुए।

“हर सवाल का सटीक जवाब देने को तैयार हैं” : प्रदीप यादव

बैठक के बाद प्रदीप यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित होगा। उनके अनुसार, सरकार के पास हर सवाल का सटीक जवाब है और विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।

‘वंदे मातरम’ पर राजनीतिक चर्चा तेज

राजेश कच्छप ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ जैसे मुद्दे बंगाल चुनाव के संदर्भ में उठाए जा रहे हैं। उनका आरोप था कि इस चुनावी माहौल में भाजपा ऐसे भावनात्मक मुद्दों को भड़काती है।

झारखंड के लंबित मुद्दों पर भी होगी चर्चा

मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि सत्ता पक्ष पूरी तरह एकजुट है। सरकार झारखंड के लंबित मुद्दों और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन में प्रभावी तरीके से उठाएगी। कुल मिलाकर, बजट सत्र से पहले सरकार ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब यह देखना होगा कि सदन में विपक्ष किस तरह से सरकार को घेरता है और सरकार किस प्रकार जवाब देती है।

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