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एक नज़र में पूरी खबर
- रांची में गैस कनेक्शन के लिए ग्राहक सेवा नंबर खोजने पर लगभग 20 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई।
- जालसाजों ने 'GAIL INDIA' का फर्जी ग्राहक सेवा नंबर गूगल पर ऊंचा रैंक कराया और पीड़ित को जाली लिंक भेजा।
- सीआईडी ने हजारीबाग से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से ठगी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए।
साइबर ठगी का नया तरीका: रांची में हुई बड़ी ठगी
रांची: झारखंड में साइबर अपराधियों ने ठगी के एक नए और खतरनाक तरीके का सहारा लिया है। यहां एक व्यक्ति ने गैस कनेक्शन के लिए ग्राहक सेवा का नंबर गूगल पर खोजा, जिसके परिणामस्वरूप उनके खाते से लगभग 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई।
ठगी का modus operandi
पीड़ित द्वारा ‘GAIL INDIA’ का ग्राहक सेवा नंबर खोजा गया था। जालसाजों ने एसईओ या खोज इंजन ऑप्टिमाइजेशन के माध्यम से अपने फर्जी नंबर को गूगल पर ऊंचा रैंक कराया था।
धोखाधड़ी की प्रक्रिया
कॉल करने पर अपराधियों ने खुद को गेल इंडिया का प्रतिनिधि बताते हुए मदद के बहाने एक जाली लिंक व्हाट्सएप पर भेजा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनके बैंक खाते का एक्सेस ठगों के पास चला गया, जिसके परिणामस्वरूप ₹19.85 लाख की राशि अवैध रूप से ट्रांसफर कर दी गई।
पुलिस की कार्रवाई
सीआईडी की साइबर क्राइम थाना ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हजारीबाग से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में रवि कुमार साव, सूरज कुमार ठाकुर और सागर कुमार यादव शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी जखीरा बरामद किया है।
पाठकों के लिए सुरक्षा टिप्स
- आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग: किसी भी कंपनी या बैंक का ग्राहक सेवा नंबर हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट (.gov.in, .org या प्रमाणित .com) से प्राप्त करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, भले ही भेजने वाला खुद को किसी बड़ी कंपनी का अधिकारी बताता हो।
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