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नई दिल्ली: पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम ने भारत को हराकर एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया है। इस टूर्नामेंट के समाप्त होने के बावजूद विवादों का सिलसिला जारी है। पाकिस्तान टीम के मेंटर सरफराज अहमद ने मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ अनुचित बर्ताव किया। इस पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
‘खेल की भावना के खिलाफ है’
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि इस मामले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के समक्ष औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा। उनके अनुसार, मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का व्यवहार ‘उकसाने वाला’ था, जो खेल की भावना के खिलाफ माना जाता है।
पाकिस्तान ने जीता फाइनल मुकाबला
यह फाइनल मुकाबला रविवार को दुबई के आईसीसी एकेडमी ग्राउंड में आयोजित हुआ। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 347 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम दबाव में आ गई और पूरी टीम 26.2 ओवर में केवल 156 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह पाकिस्तान ने 191 रन के बड़े मार्जिन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने 13 साल बाद अंडर-19 एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट के इतिहास में पाकिस्तान का दूसरा खिताब है।
शहबाज शरीफ ने स्वागत समारोह आयोजित किया
इस शानदार जीत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंडर-19 टीम के लिए एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान मोहसिन नकवी ने भारतीय टीम के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए और क्रिकेट को सदा खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए।
‘यह क्रिकेट की मर्यादा के खिलाफ था’
सरफराज अहमद ने भी इस विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फाइनल मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का रवैया अस्वीकार्य था, जो क्रिकेट की मर्यादा के अनुरूप नहीं था। सरफराज के अनुसार, पाकिस्तान टीम ने इस सब के बाबजूद जीत को गरिमा और खेल भावना के साथ मनाया। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट एक प्रतिष्ठित खेल है, और सभी खिलाड़ियों को उसी भावना के साथ मैदान में उतरना चाहिए।
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