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नई दिल्ली: पाकिस्तान के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को समाप्त करने का निर्णय लिया है। लगभग दो दशकों तक पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े रहने के बाद, सरफराज का यह फैसला उनके यादगार करियर का अंत दर्शाता है।
कराची में जन्मे सरफराज ने सभी तीन क्रिकेट प्रारूपों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने करियर में 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 मैच खेले। इन मैचों में उन्होंने 6164 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। विकेटकीपर के रूप में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जहाँ उन्होंने 315 कैच और 56 स्टंप आउट के मामले दर्ज किए।
सरफराज की कप्तानी में एतिहासिक रिकॉर्ड
सरफराज अहमद ने कप्तान के रूप में पाकिस्तान की टीम की कमान 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों में संभाली। उनकी कप्तानी में, पाकिस्तान ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पाया। इसके साथ ही, उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने टी20 इंटरनेशनल में लगातार 11 सीरीज जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा, उन्होंने छह बार विरोधी टीमों को क्लीन स्वीप करने में सफलताएँ हासिल की।
2017 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब
सरफराज के करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ICC चैंपियंस ट्रॉफी की जीत रही। इंग्लैंड के ओवल मैदान पर खेले गए फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 180 रन से हराकर यह खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ, सरफराज पाकिस्तान के पहले कप्तान बने, जिन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया। इसके पहले उन्होंने 2006 में ICC अंडर-19 विश्व कप की ट्रॉफी भी जीती थी, जिससे वह जूनियर और सीनियर दोनों स्तर पर आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान बन गए।
लॉर्ड्स में शतक का कारनामा
सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान टीम में कई उदीयमान खिलाड़ियों को मौका मिला, जिनमें बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी, हसन अली, इमाम-उल-हक, फखर जमान, शादाब खान और फहीम अशरफ शामिल हैं। इसके अलावा, सरफराज के नाम टेस्ट क्रिकेट में एक ही मैच में 10 कैच लेने का रिकॉर्ड भी है, जिसे उन्होंने 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में प्राप्त किया। वह पाकिस्तान के पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लॉर्ड्स पर वनडे शतक बनाया।
2007 में किया था वनडे डेब्यू
साल 2007 में सरफराज ने वनडे क्रिकेट के जरिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में अपना आखिरी मैच खेला। संन्यास की घोषणा करते हुए, सरफराज अहमद ने बताया कि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि 2006 के अंडर-19 विश्व कप से लेकर 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने तक का सफर उनके लिए विशेष रहा है। सरफराज ने अपने साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों के समर्थन के प्रति आभार जताया और कहा कि पाकिस्तान की कप्तानी करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।
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