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एक नज़र में पूरी खबर
- रामगढ़ के इस्पात प्लांट में फर्नेस फटने से तीन मजदूरों की मौत हुई, जिसमें हाल ही में बृजलाल बेदिया की भी जान गई।
- मृतक मजदूरों के परिवार को 21 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और सभी घायल मजदूरों का इलाज मुफ्त में किया जाएगा।
- प्लांट प्रबंधन ने घायल मजदूरों को नियमित वेतन और ईएसआईसी की सुविधाएं देने का आश्वासन दिया है।
रामगढ़ में इस्पात प्लांट में हादसा, तीन मजदूरों की मौत
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित एक इस्पात प्लांट में हुए एक दुर्घटना में एक और मजदूर की मौत हो गई है, जिसके बाद मरने वालों की कुल संख्या तीन हो गई है। हाल ही में बृजलाल बेदिया का निधन रांची के देवकमल अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ।
इससे पहले, इस हादसे में घायल हुए दो अन्य मजदूर, अशोक बेदिया और अखिल राय, भी अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। अभी भी चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।
फर्नेस फटने से हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना प्लांट में स्थित फर्नेस (भट्ठी) के फटने से हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप कई मजदूर झुलस गए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
मुआवजे पर बनी सहमति, खत्म हुआ विरोध
सोमवार रात को जिला प्रशासन, ग्रामीणों और प्लांट प्रबंधन के बीच हुई बैठक के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस बैठक में सभी पक्षों के बीच छह बिंदुओं पर सहमति बनी है।
इस सहमति के अनुसार, प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को 21 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, सभी घायलों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा।
घायलों को मिलेगा वेतन और सुविधाएं
प्लांट प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया है कि घायल मजदूरों को तब तक नियमित वेतन दिया जाएगा जब तक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते। इसके अलावा, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा और ईएसआईसी (ESIC) की सुविधाएं भी लागू की जाएंगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि प्लांट में सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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