अब व्हाट्सऐप पर 24×7 मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध

by RahulRahul
24x7 मुफ्त लीगल हेल्प घर बैठे, अब व्हाट्सऐप पर पाएं कानूनी सहायता

न्याय सेतु चैटबॉट: कानूनी सहायता का नया युग

न्याय सेतु पर व्हाट्सऐप: भारत सरकार ने नए साल की शुरूआत में एक महत्वपूर्ण पहल की है। 1 जनवरी 2026 को विधि और न्याय मंत्रालय ने ‘न्याय सेतु चैटबॉट’ की शुरूआत की, जो देशभर के नागरिकों के लिए व्हाट्सऐप पर मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगा। यह चैटबॉट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करते हुए संपत्ति विवाद, तलाक और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में कानूनी मार्गदर्शन करेगा।

कानूनी सहायता अब एक मैसेज की दूरी पर

सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि “कानूनी सहायता अब बस एक संदेश दूर है!” नागरिक 7217711814 नंबर पर मैसेज भेजकर अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं और तुरंत चैटबॉट से जुड़ सकते हैं। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और इसमें सिविल, क्रिमिनल, कॉर्पोरेट और फैमिली लॉ जैसे विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

24×7 कानूनी सहायता, बिना किसी दफ्तर के

न्याय सेतु चैटबॉट चौबीसों घंटे उपलब्ध है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि नागरिकों को अब कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वकील के दफ्तर में जाने की आवश्यकता नहीं है। चाहे नागरिक किसी भी राज्य या शहर में हों, यह सेवा हर जगह समान रूप से उपलब्ध है।

मुकदमे से पहले की कानूनी तैयारी

इस प्रणाली का उद्देश्य लोगों को अदालत जाने से पहले उनके अधिकारों और मुकदमे की मजबूती को समझाना है। नागरिक अब सरकारी वेबसाइटों की जटिलताओं से बचते हुए सरल भाषा में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि न्याय सेतु कानूनी सलाह नहीं देता, बल्कि सही दिशा दिखाता है और आवश्यकता पड़ने पर वकीलों से जोड़ता है।

पुराने लीगल एड सिस्टम से जुड़ा

न्याय सेतु को मौजूदा कानूनी सहायता योजनाओं जैसे टेली-लॉ, न्याय बंधु और लीगल सर्विस अथॉरिटीज से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि चैटबॉट से प्राप्त जानकारी आगे जाकर योग्य वकीलों या सरकारी कानूनी संस्थाओं से जुड़ सकती है। इस तरह, यह प्लेटफॉर्म एक डिजिटल गेटवे के रूप में काम करता है।

परिवारिक विवादों में सहायता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्याय सेतु परिवारिक विवादों, तलाक, भरण-पोषण और कस्टडी मामलों में भी सहायता प्रदान करेगा। घरेलू हिंसा से संबंधित सवालों के जवाब भी यहां मिलेंगे। हालांकि, अदालत में मामले लडने के लिए वकील की आवश्यकता होगी, लेकिन शुरुआत में सहायता और अधिकारों की जानकारी अब घर बैठे मिल जाएगी।

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