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मुंबई: थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के सेंसर प्रमाणन को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम मोड़ आया है। फिल्म के निर्माता KVN प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट में दायर रिट पिटीशन वापस लेने का निर्णय लिया है। निर्माता ने हाई कोर्ट रजिस्ट्री को एक पत्र सौंपते हुए CBFC के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की है।
फिल्म ‘जन नायकन’ के विवाद में नया मोड़
फिल्म अब CBFC की रिवाइजिंग कमिटी के पास भेजी जाएगी, जैसा कि पहले से तय था। यह कमिटी फिल्म की समीक्षा करेगी और आवश्यक कट्स या संशोधन तय कर सर्टिफिकेट जारी करने पर विचार करेगी। प्रोड्यूसर के वकील विजयन सुब्रमण्यम ने यह पत्र जमा किया। मामला 10 फरवरी को जस्टिस पीटी आशा की अदालत में सूचीबद्ध होगा, जहां कोर्ट से औपचारिक अनुमति प्राप्त की जाएगी।
पोंगल पर रिलीज होने की उम्मीद
‘जन नायकन’ को मूल रूप से 9 जनवरी 2026 को पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाने वाला था। यह विजय की अंतिम फिल्म है, जिसमें ममिता बाइजू, पूजा हेगड़े और बॉबी देओल जैसे प्रमुख कलाकार शामिल हैं। निर्देशक एच विनोथ ने इसे निर्देशित किया है। दिसंबर 2025 में CBFC की पांच सदस्यीय कमिटी ने फिल्म देखी थी। 22 दिसंबर को प्रोड्यूसर को ये सूचना मिली कि UA 16+ सर्टिफिकेट के लिए 14 कट्स और बदलाव आवश्यक हैं।
CBFC ने रिवाइजिंग कमिटी में भेजने का निर्णय लिया
प्रोड्यूसर ने इन बदलावों को कर 24 दिसंबर को पुनः फिल्म जमा की। लेकिन 5 जनवरी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उसी दिन CBFC ने फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी में भेजने का निर्णय लिया और 6 जनवरी को इसे ई-सिनेप्रमान पोर्टल पर अपलोड किया गया।
प्रोड्यूसर ने कोर्ट के बाहर समझौते का रास्ता अपनाया
इस लंबे कानूनी विवाद के कारण फिल्म की रिलीज अनिश्चितकाल के लिए टल गई थी। अब प्रोड्यूसर ने कोर्ट के बाहर समझौते का विकल्प चुना है। इससे सेंसर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है और फिल्म की जल्दी रिलीज की उम्मीद बनी है। फिल्म इंडस्ट्री में इस समाचार से राहत की लहर दौड़ गई है, क्योंकि विजय की इस राजनीतिक एक्शन थ्रिलर का प्रशंसक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब सभी की नजरें रिवाइजिंग कमिटी के फैसले पर टिकी हुई हैं।
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