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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड में निवेश का नया युग: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अगवानी
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में एक नए निवेश युग का आरंभ हो चुका है, जो वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के बाद संभव हुआ है। टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह के प्रस्तावित निवेश के साथ ही विभिन्न उद्योगों के लिए सरकार को 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आशय पत्र सौंपी गई है। इसमें 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश नवीन जिंदल समूह और 11 हजार करोड़ रुपये का टाटा स्टील से जुड़ा है।
झारखंड का औद्योगिक भविष्य
झारखंड सरकार ने प्रमुख औद्योगिक समूहों जैसे टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह के साथ ऐतिहासिक समझौते किए हैं। उड़ीसा एलॉय स्टील, रुंगटा माइंस, और अम्लगाम स्टील एंड पॉवर जैसे निवेशक भी राज्य में नए औद्योगिक अवसरों का लाभ लेने के लिए तत्पर हैं। इस निवेश से झारखंड न केवल स्टील हब बनेगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरेगा।
टिकाऊ विकास की दिशा में कदम 🚀
इन निवेशों का मुख्य लक्ष्य जीरो कार्बन लक्ष्य की प्राप्ति एवं उच्च गुणवत्ता वाले फिनिश्ड उत्पादों का निर्माण है। अब झारखंड केवल कच्चे माल की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह क्लीन स्टील और स्मार्ट ऑटो-कंपोनेंट्स के वैश्विक उत्पादक के रूप में उभरेगा।
लातेहार में बड़ा निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों के संगठित विकास की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। लातेहार में उड़ीसा स्टील अलॉय लिमिटेड ने 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का आशय पत्र प्रस्तुत किया है, जिसमें ब्लास्ट फर्नेस और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही, सरायकेला खरसावाँ में रुंगटा समूह ₹10,000 करोड़ का निवेश करेगा।
रोजगार के अवसर 🌟
इस प्रस्तावित निवेश से राज्य के हुनरमंद युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा। अनुमान है कि इन परियोजनाओं से 46,555 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा। विभिन्न समूहों द्वारा प्रदान किए जाने वाले रोजगार का वितरण भी स्पष्ट है – उड़ीसा स्टील अलॉय से 20,000, रुंगटा से 6,200, अमलगम स्टील से 3,000 और बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज से 1,415 नौकरियां मिलेंगी।
अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग 🔧
टाटा स्टील और जिंदल समूह झारखंड में अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। EASyMelt और Hisarna तकनीक का इस्तेमाल करके कार्बन उत्सर्जन को कम किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रीन एनर्जी के तहत सौर और न्यूक्लियर प्लांट स्थापित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
झारखंड में यह निवेश न केवल राज्य के विकास का आधार बनेगा, बल्कि यह राष्ट्र की औद्योगिक धारा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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