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मुमताज का व्यक्तिगत जीवन और आस्था
मुंबई: 70 के दशक की प्रसिद्ध एक्ट्रेस मुमताज ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी आस्था और निजी जीवन के बारे में कई दिलचस्प जानकारी साझा की। मुमताज, जिनका असली नाम मुमताज असकारी है, अपने दौर की सबसे सफल अभिनेत्रियों में मानी जाती हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय और खूबसूरती के जरिए विशेष पहचान बनाई है। फिल्में जैसे ‘तेरे मेरे सपने’ और ‘रोटी’ ने उन्हें दर्शकों के दिलों में खास स्थान दिलाया। मुमताज ने अपने उत्तरदायित्वों के बीच यह भी बताया कि वे जन्म से मुस्लिम हैं, लेकिन उन्हें हिंदू देवी-देवताओं में भी समान श्रद्धा है। उनके प्रिय देवता भगवान शिव और भगवान कृष्ण हैं।
मुमताज ने साझा किया कि उनके घर में भगवान गणेश की मूर्ति है, और वे हर सुबह सीढ़ियों से उतरते समय सबसे पहले उन्हें प्रणाम करती हैं। यह उनकी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। शिव के प्रति उनके आकर्षण को दर्शाते हुए, उन्होंने कहा कि भगवान शिव उनकी दृष्टि में बेहद सुंदर हैं और वे उनकी पूजा करने में आनंदित होती हैं।
अंतरधार्मिक विवाह पर मुमताज के विचार
इंटरव्यू में उन्होंने अपनी शादी के बारे में भी खुलकर बात की। मुमताज ने बिजनेसमैन मयूर माधवानी से विवाह किया और इसके बाद फिल्मों से दूर हो गईं ताकि वे अपने परिवार को समय दे सकें। उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने भी एक हिंदू से शादी की है, और दोनों का वैवाहिक जीवन सुखमय है। मुमताज के अनुसार, रिश्तों में धर्म से अधिक महत्वपूर्ण है आपसी सम्मान और समझ। यदि एक पति-पत्नी एक-दूसरे को समझते हैं, तो धर्म की पहचान का कोई महत्व नहीं रह जाता।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें समझ में नहीं आता कि लोग हिंदू और मुस्लिम के बीच दूरी क्यों बनाते हैं। उनके अनुसार, असली धर्म इंसानियत और प्रेम है।
मल्टीपल मैरिज पर मुमताज की नाराजगी
बातचीत के दौरान मुमताज ने मुस्लिम समाज में कई शादियों की प्रथा पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है कि एक पुरुष को तीन या चार शादियां करनी चाहिए। इस प्रथा को उन्होंने रिश्तों को कमजोर करने वाला बताया। मुमताज ने यह भी कहा कि हर महिला अपने रिश्ते में अधिकार और सम्मान चाहती है, और बार-बार शादी करने से महिलाओं को दुख होता है।
उन्होंने पूछते हुए कहा कि क्या किसी ने सोचा है कि ऐसी स्थिति में महिलाओं पर क्या गुजरती है। उनके विचार में, यह एक ऐसा निर्णय है जो परिवार और रिश्तों को प्रभावित करता है।
हिंदू विवाह प्रणाली की प्रशंसा
अपने विचार साझा करते हुए, मुमताज ने हिंदू विवाह व्यवस्था को बेहतर बताया। उनका मानना है कि अधिकतर हिंदू पुरुष एक ही विवाह करते हैं और उसे निभाने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी दूसरी शादी के हालात बन सकते हैं, लेकिन सामान्यतः लोग अपने रिश्ते को बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि एक रिश्ते को निभाना असली ज़िम्मेदारी होती है। एक रिश्ते को समाप्त कर के दूसरे में जाना आसान हो सकता है, लेकिन यह सही मार्ग नहीं है। मुमताज और उनके पति मयूर माधवानी की दो बेटियां हैं, नताशा और तान्या। आज भी मुमताज के प्रशंसकों की संख्या बहुत बड़ी है, और उन्होंने अपने करियर में अनेक यादगार फिल्में दी हैं, जैसे ‘फौलाद वीर भीमसेन’, ‘सिकंदर ए आजम’, ‘रूस्तम ए हिंद’, और ‘डाकू मंगल सिंह’। राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया था और आज उनकी फिल्में भी याद की जाती हैं।
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