कांग्रेस की किसान महाचौपाल: मोदी सरकार पर तीखा हमला
भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भोपाल में आयोजित किसान महाचौपाल के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ सरकार की नीतियों की आलोचना की। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए उन्हें एक तानाशाही प्रवृत्ति वाला नेता बताया। खरगे ने कहा कि उनके राजनीतिक करियर के दौरान ऐसा प्रधानमंत्री उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और विपक्ष की आवाज को दमन कर रही है।
प्रधानमंत्री पर कटाक्ष
खरगे ने प्रधानमंत्री की योजनाओं और संस्थानों के नाम बदलने की आदत का मजाक उड़ाते हुए तंज किया कि मोदीजी को अपना नाम भी बदल लेना चाहिए, क्योंकि वे कांग्रेस के राज में ही जन्मे थे। यह टिप्पणी उन्होंने इस संदर्भ में की थी कि मोदी सरकार केवल नाम बदलने में ही लगी हुई है।
किसानों के नुकसान का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान होगा और उन्हें उचित दाम नहीं मिल पाएगा। खरगे ने कहा कि पहले भारत को व्यापार में लाभ होता था, लेकिन मौजूदा नीतियों की वजह से किसानों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य देश अपने किसानों के संरक्षण के लिए मजबूती से खड़े हैं, जबकि भारतीय सरकार सही तरीके से बात नहीं कर रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का जिक्र
खरगे ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर मुद्दे पर उनकी बात मानने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में केंद्र सरकार पर झुकाव का आरोप लगाया, खासकर तेल की खरीद और व्यापार नीतियों के संदर्भ में।
ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कार्रवाई रुकवाई। खरगे ने इस निर्णय को अंतरराष्ट्रीय दबाव में लिया गया बताया और इसे एक बड़ी गलती माना। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी प्रश्न पूछने से बचते हैं और जनता से दूरी बनाए रखते हैं।
संघर्ष का आह्वान
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि उन्हें डरने के बजाय संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने संविधान और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने का संदेश दिया। खरगे ने बताया कि अमेरिका में कृषि पर केवल 3 प्रतिशत लोग निर्भर हैं, जबकि भारत में यह संख्या अधिक है। ऐसे में किसानों के हितों का संरक्षण करना बेहद आवश्यक है। इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान चलाने की योजना बना रही है।

