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एक नज़र में पूरी खबर
- पुलिस ने जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया, जो व्यापारी के घर में डकैती और हत्या की योजना बना रहे थे।
- गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक पिस्टल और तीन जिंदा गोलियां बरामद हुईं, और इनका आपराधिक इतिहास भी है।
- छापेमारी के दौरान छह अन्य आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
जमशेदपुर: जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना को टालने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास हथियार और जिंदा गोलियां थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये अपराधी एक व्यापारी के घर में डकैती डालने और हत्या करने की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई बुधवार, 8 अप्रैल की सुबह लगभग 6 बजे की गई, जब पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तीन अपराधियों को पकड़ लिया।
तीन अपराधियों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद
गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान रोशन सिंह उर्फ पाका, रोशन कुमार उर्फ गोलू बंगाली और आजाद पाल उर्फ बॉबी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल और तीन जिंदा गोलियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, इन तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे कई मामलों में शामिल रहे हैं।
छह आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश
छापेमारी के दौरान गिरोह के छह अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए। फरार आरोपियों में शिवनारायण रजक, कौशल श्रीवास्तव, सौरभ सिंह, करण सिंह, अनूप बंगाली और राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा शामिल हैं। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
व्यापारी की हत्या और डकैती की योजना
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी गोविंदपुर क्षेत्र के एक व्यापारी को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। योजना के अनुसार, पहले व्यापारी की हत्या करनी थी और फिर उसके घर में डकैती डालनी थी। सभी अपराधी एकत्र होकर इस साजिश को अंतिम रूप देने में लगे थे।
पूछताछ से खुल सकते हैं अन्य तथ्य
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक योजनाओं का भी खुलासा होगा। साथ ही, इससे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में भी सहायता मिल सकती है।
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