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महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्रई का विवाद अदालत तक पहुंचा
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व साथी जय अनंत देहाद्रई के बीच चल रहा विवाद अब उनके पालतू कुत्ते ‘हेनरी’ की कस्टडी को लेकर उच्च न्यायालय में पहुंच चुका है। मोइत्रा ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने साकेत कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें कुत्ते की अंतरिम कस्टडी देने से मना किया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जारी किया नोटिस
इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की पीठ में हुई। न्यायालय ने देहाद्रई को नोटिस जारी किया है और उनके जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है। आगामी सुनवाई 29 अप्रैल को तय की गई है। सुनवाई के दौरान देहाद्रई स्वयं उपस्थित हुए और उन्होंने याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की।
कानूनी लड़ाई की पृष्ठभूमि
यह विवाद किसी व्यक्तिगत मुद्दे से शुरू होकर कानूनी आधार पर पहुंच गया है। हेनरी की कस्टडी को लेकर यह झगड़ा दोनों के बीच के राजनीतिक और कानूनी टकराव का एक हिस्सा है। उनके संबंध समाप्त होने के बाद से कई विवादास्पद मुद्दे सामने आए हैं।
कैश-फॉर-क्वेरी के आरोपों का प्रभाव
जय अनंत देहाद्रई ने पहले आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए कारोबारी दर्शन हिरानंदानी से लाभ प्राप्त किया। इसमें यह भी दावा किया गया कि सांसद का लोकसभा लॉगिन एक्सेस साझा किया गया था, ताकि आवश्यक प्रश्नों को पोस्ट किया जा सके।
इन आरोपों के आधार पर लोकसभा की आचार समिति ने जांच की और सिफारिश के बाद 8 दिसंबर 2023 को महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित कर दिया गया था।
मोइत्रा ने आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया
महुआ मोइत्रा ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि यह उनके खिलाफ राजनैतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कारोबारी से अपनी मित्रता स्वीकार की, लेकिन किसी भी प्रकार के लेन-देन में शामिल होने से स्पष्ट इनकार किया।
मानहानि मामले में चल रही सुनवाई
महुआ मोइत्रा ने देहाद्रई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मार्च 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा था कि आरोपों की जांच अभी जारी है और मामला विचाराधीन है।
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