झारखंड में घरेलू गैस वितरण में सुधार के लिए सख्त निर्देश

झारखंड में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने हेतु पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक कड़ा कदम उठाया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि बुकिंग के 7 दिनों के भीतर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया, तो संबंधित एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर का सिस्टम लॉक कर दिया जाएगा। राज्य में वर्तमान में 50,000 से अधिक लंबित मामलों को देखते हुए, यह निर्णय वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लिया गया है।

नवीनतम बुकिंग और डिलीवरी पर असर

मंत्रालय के अनुसार, यदि किसी विशेष परिस्थिति के कारण डिलीवरी में देरी होती है और डिस्ट्रीब्यूटर इस संबंध में उचित कारण प्रस्तुत करता है, तो इंडियन ऑयल द्वारा सिस्टम को अस्थायी रूप से अनलॉक किया जा सकता है। इसके लिए डिस्ट्रीब्यूटर को देरी के कारणों का विस्तृत विवरण देना होगा। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो संबंधित एजेंसी का सिस्टम पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, जिसके फलस्वरूप नई बुकिंग और डिलीवरी सेवाएं ठप हो जाएंगी।

वैश्विक संकट के बाद नियमों का कड़ा पालन

यह ध्यान देने योग्य है कि एलपीजी वितरण से संबंधित ये नियम पहले भी प्रभावी थे। हाल ही में, मध्य पूर्व में उत्पन्न परिस्थितियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव के चलते तेल कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को कुछ समय के लिए राहत दी थी। अब, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार के साथ, कंपनियां वितरण व्यवस्था को समयबद्ध बनाने के लिए पुनः सख्त नियम लागू कर रही हैं।

लापरवाही पर स्थायी रोक

इस पहल का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समय पर बनाना है, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। यदि किसी विशेष परिस्थिति के कारण डिलीवरी में देरी होती है, तो डिस्ट्रीब्यूटर को इसका ठोस कारण बताना अनिवार्य होगा। यदि कोई एजेंसी बार-बार नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसका सिस्टम स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।

लंबित मामलों की संख्या

राज्य में वर्तमान में 50,000 से अधिक डिलीवरी मामले लंबित हैं, जिससे वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।