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एक नज़र में पूरी खबर
- वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर संघ के स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश में नगर भ्रमण पर निकले और लोगों को नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
- स्वयंसेवकों की सादगी और अनुशासन ने आम जनता को प्रभावित किया, जिससे वातावरण जीवंत हो उठा।
- यह समारोह भारतीय संस्कृति और परंपरा को पुनर्जीवित करने का अवसर माना गया।
वर्ष प्रतिपदा पर संघ स्वयंसेवकों का नगर भ्रमण
लातेहार जिले में गुरुवार को राष्ट्रप्रेम का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर संघ के स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश में सजे, अनुशासित पंक्तियों में नगर भ्रमण पर निकले। उनके सफेद शर्ट, खाकी पैंट और काली टोपी पहनने की एकरूपता ने सभी का ध्यान खींचा। यह टोली कदमताल के साथ आगे बढ़ती गई, जहाँ-जहां पहुंची, वहां देशभक्ति और नववर्ष उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला। स्वयंसेवकों ने लोगों को रुककर भारतीय नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
स्वयंसेवकों का अभिवादन
स्वयंसेवकों की सादगी, अनुशासन और राष्ट्रभावना ने आम जनता को प्रभावित किया। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने उनका अभिवादन कर स्वागत किया, जिससे वातावरण पूरी तरह से जीवंत हो उठा। इस दौरान स्वयंसेवकों ने लोगों से प्रेरणा दी कि वे संध्या बेला में अपने घरों के बाहर दीप जलाकर नववर्ष का स्वागत करें, ताकि अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की जीत का संदेश फैले।
राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जीवित करने का पर्व
स्वयंसेवकों का कहना था कि वर्ष प्रतिपदा का समारोह कैलेंडर में बदलाव के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा को पुनर्जीवित करने का अवसर है। नगर भ्रमण में शामिल प्रमुख स्वयंसेवकों में राजेश चंद्र पांडेय, नरेश प्रसाद गुप्ता, नवल किशोर अग्रवाल, नरेंद्र अग्रवाल, जयेश वरु, मनोज सिंह, रमन महतो, मोहिनीश कुमार, सौरभ कुमार, नीतीश तिवारी और बसंत जायसवाल शामिल रहे।
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