Table of Contents
एक नज़र में पूरी खबर
- खूंटी जिले में नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू ने आत्मसमर्पण किया और उसके खिलाफ 22 से अधिक मामले दर्ज हैं।
- उपायुक्त आर रॉनिटा ने आत्मसमर्पण के दौरान प्रफुल्ल मुंडा को एक लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक और फूल देकर स्वागत किया।
- प्रफुल्ल मुंडा ने आत्मसमर्पण के समय पुलिस को 9 एमएम और 7.65 एमएम पिस्टल, एक देशी कट्टा, 13 कारतूस और दो वॉकी-टॉकी सौंपे।
खूंटी में नक्सली कमांडर का आत्मसमर्पण
खूंटी: खूंटी जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडा ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उसने उपायुक्त आर रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के समक्ष सरेंडर किया।
आत्मसमर्पण का कार्यक्रम
पुलिस कार्यालय में आयोजित एक साधारण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने उसे फूल देकर स्वागत किया और एक लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया। प्रफुल्ल मुंडा पर राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ मुरहू, खूंटी, कर्रा और तोरपा थाना क्षेत्रों में 22 से अधिक मामले दर्ज हैं।
व्यक्तिगत जानकारी
प्रफुल्ल मुंडा मुरहू प्रखंड के कोड़ाकेल पंचायत अंतर्गत बम्हनी गांव का निवासी है। आत्मसमर्पण के समय उसकी पत्नी रंदाय कंडीर और पांच माह का पुत्र निलेश मुंडू भी उसके साथ थे।
नग्न साक्ष्य और संगठनों पर दबाव
पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने जानकारी दी कि प्रफुल्ल मुंडा ने आत्मसमर्पण के दौरान 9 एमएम पिस्टल, 7.65 एमएम पिस्टल, एक देशी कट्टा, 13 कारतूस और दो वॉकी-टॉकी पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और अन्य केंद्रीय अर्धसैन्य बलों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान की वजह से उग्रवादी संगठनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
रिपोर्ट और पुनर्वास नीति
उपायुक्त आर रॉनिटा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने अन्य उग्रवादियों से भी अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की नीति का लाभ उठाएं और सामान्य जीवन की ओर लौटें।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में एसडीपीओ वरुण रजक, तोरपा एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा, थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
इस खबर से जुड़ी अन्य खबरें
- कोडरमा में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया
- ईस्ट सिंहभूम: पोटका की CO निकिता बाला को मिला ‘प्रशस्ति पत्र’, गुड़गांव हादसे में 4 घंटे में दिलाया न्याय
- ताजा अपडेट : ईडी ने 14 इंजीनियरों को आरोपित किया, मंत्री से लेकर संतरी तक फैला भ्रष्टाचार का जाल।
- ताजा अपडेट : 90 करोड़ के टेंडर कमीशन घोटाले में ED की कार्रवाई, 14 इंजीनियर नए अभियुक्त बने।
- ताजा अपडेट : डीजे प्रतिबंध पर विरोध: झारखंड विधानसभा में जय श्रीराम के नारे, मंत्री के बयान ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!