तीन जुलाई को होगा श्रावणी मेले का उद्घाटन
मलमास के कारण दो महीने तक होगी कांवर यात्रा
रांची। बाबा धाम में कावड़ यात्रियों को इस बार चलने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। देवघर जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सुल्तानगंज से जल भर कर देवघर तक आने वाले कांवरियों के राह में गंगा नदी का बालू बिछाया जाएगा, जिससे उनको यात्रा में कम से कम परेशानी हो। ज्ञात हो कि इस बार तीन जुलाई को उद्घाटन होने के बाद 17 जुलाई तक पहले चरण में श्रावणी मेला आयोजित की जाएगी। 18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास मेला लगेगा, फिर 17 अगस्त से 31 अगस्त तक दूसरे चरण का श्रावणी मेला लगेगा। इस दौरान बिहार झारखंड के बॉर्डर दुम्मा से लेकर खिजुरिया तक इस बार गंगा नदी का बालू बिछाया जाएगा। इस वर्ष श्रावणी, मलमास और भादो मेला में कांवरिया पथ से आने वाले कांवरियों को मखमली वाला बालू मिलेगा।
मलमास लगने के कारण इस साल दो चरणों में राजकीय श्रावणी मेला का आयोजन किया जाएगा। देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज विभागवार तैयारी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मेला के दौरान प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कर्मियों को भी और अधिक बेहतर व्यवस्था मिलेगा।
श्रावणी मेला के दौरान प्रतिदिन लाखों लाख कांवरियों का आवागमन बाबानगरी में होता है। ऐसे में इनके ठहरने के लिए, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शौचालय, सुरक्षा, सुलभ जलार्पण इत्यादि प्रशासन की ओर से व्यवस्था कराई जाती है। इससे संबंधित विभाग की अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। समाहरणालय में आयोजित बैठक में डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में एसपी सुभाष चन्द्र जाट, नगर निगम के प्रशासक शैलेंद्र कुमार लाल सहित तमाम संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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