
रांची | अडानी के पक्ष में केंद्र सरकार द्वारा नीति बनाने का आरोप लगाकर कांग्रेस पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रही है. पार्टी की मांग है कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष से जांच की जाए. इसी कड़ी में सोमवार को देशभर में कांग्रेसियों ने राजभवन का घेराव किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में झारखंड के राज्यभर के कार्यकर्ताओं ने राजभवन घेराव किया. कांग्रेस कार्यकर्त्ता सबसे पहले मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका पहुंचे. उसके बाद सभी प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में राजभवन की तरफ बढ़े. इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद मोहम्मद तौसीफ, समेत कई दिग्गज नेता मौजूद थे. वहीं घेराव में कुछ देर बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, दीपिका पाण्डेय, इरफान अंसारी, ददई दुबे, सुखदेव भगत,आलमगीर आलम, बादल पत्रलेख भी पहुंचे.
इस दौरान राजेश ठाकुर ने कहा कि अडानी समूह के पक्ष में केंद्र सरकार की क्रोनी कैपिटलिज्म की नीति ठीक नहीं है. देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अडानी समूह को बेच दिया है. एसबीआई व एलआईसी जैसे सार्वजनिक संस्थानों को अडानी समूह में निवेश करने के लिए बाध्य कर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की बचत को खतरे में डालने का कार्य किया जा रहा है. कांग्रेस देश की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी है. गरीबों का पैसे लुटते देख कांग्रेस कभी भी चुप नहीं बैठेगी. मोदी और अडानी की दोस्ती के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर आंदोलन करती रहेगी. यह आंदोलन तब तक होगा, जब तक केंद्र सरकार संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन कर मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से नहीं करा देती.
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