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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड अपनी वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चोटों से जूझने के लंबे समय बाद, उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उत्सुक हैं। हेजलवुड का आत्मविश्वास और फिटनेस दोनों सही दिशा में बढ़ रहे हैं।
हाल ही में हेजलवुड को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। पहले हैमस्ट्रिंग की चोट और फिर एड़ी की समस्या ने उन्हें खेल से दूर रखा। इस कारण वह एशेज श्रृंखला और कुछ अन्य महत्वपूर्ण टूर्नामेंट्स में भाग नहीं ले सके। लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, हेजलवुड का हिम्मत कम नहीं हुआ है।
रिकवरी पर पूरा फोकस
हेजलवुड ने बताया कि उनकी रिकवरी प्रगति पर है। वह अब दौड़ने और हल्की गेंदबाजी की शुरुआत कर चुके हैं। फिटनेस ट्रेनिंग और ताकत को बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि चोट का पुनः खतरा कम हो सके। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने खुद को समय दिया है, जिससे शरीर को मजबूती मिल सके।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर नजर
हेजलवुड का मुख्य लक्ष्य 2026 का टी20 वर्ल्ड कप है। वह चाहते हैं कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पूरी तरह फिट होकर खेल को फिर से शुरू करें। ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन भी तेज गेंदबाजों के वर्कलोड पर ध्यान दे रहा है, जिससे हेजलवुड जैसे खिलाड़ियों को सही समय पर मैदान में उतारा जा सके।
अनुभव बनेगा सबसे बड़ा हथियार
35 वर्षीय हेजलवुड का अनुभव ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में शांति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। यदि वह पूरी तरह फिट रहते हैं, तो 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उनकी उपस्थिति विपक्षी टीमों के लिए चुनौती पेश कर सकती है।
भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच
हेजलवुड ने कहा कि वह अपने गेंदबाजी रूटीन में कुछ बदलाव कर रहे हैं। वह अब लगातार एक ही पैटर्न में खेलने के बजाय अपने शरीर की जरूरतों को लेकर सजग रहेंगे। उनका मानना है कि इससे लंबे समय तक फिट रहना आसान होगा।
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