Table of Contents
बिहार में मैट्रिक परीक्षा से छूटने पर छात्रा ने लिया ख़ौफनाक कदम
पटनाः 17 फरवरी से शुरू हुई मैट्रिक परीक्षा के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। पटना की खरजंबा गांव की 22 वर्षीय परीक्षार्थी ने परीक्षा में देर से पहुंचने के कारण खुदकुशी कर ली। छात्रा को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिली, जिससे वह अत्यंत निराश हो गई। इसी वजह से उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान ले ली।
डेड बॉडी का पता
मृतक की पहचान मंटू यादव की बेटी कोमल कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी लाश को पटना-गया रेलखंड स्थित महाराजचक गांव के पास रेलवे ट्रैक से बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेजा गया। परिजनों ने शव को देखकर पहचान की, क्योंकि वे उसे घर में नहीं पाकर चिंतित थे।
माता का बयान
मामले के संदर्भ में थानाध्यक्ष विवेक भारती ने कहा कि कोमल की मां संगीता देवी ने सूचना दी कि कोमल ने मंगलवार को धनरूआ के बरनी एग्जाम सेंटर पर परीक्षा देने गई थी। वहां पर देर से आने के कारण उसे एग्जाम सेंटर में प्रवेश नहीं मिला। यह घटना उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ी और वह किसी को बताये बिना घर से बाहर निकल गई। बाद में उसने महाराजचक के पास ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
परीक्षा छूटने वाले छात्रों के लिए नई योजना
इस बीच, बिहार में मंगलवार को 1699 परीक्षा केंद्रों पर 15 लाख से अधिक छात्र परीक्षा देने पहुंचे। नकल के आरोप में 5 छात्रों को बाहर किया गया, वहीं 9 फर्जी छात्रों को गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, जिन्होंने परीक्षा में भाग नहीं लिया है, उनके लिए राहत की खबर है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र परीक्षा छूट गए हैं, उनके लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि विशेष परीक्षा का परिणाम मई-जून तक घोषित कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों का एकेडमिक सेशन प्रभावित न हो।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!