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एक नज़र में पूरी खबर
- मंत्री संजय प्रसाद यादव ने संताल परगना क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर खनन पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं और मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- अवैध खनन की वजह से सड़क पर हादसों की संख्या बढ़ रही है, जिससे कई लोगों की जान गई है।
- मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को बताया और कहा कि यह समस्या पूरे जिले में फैली हुई है।
रांची: झारखंड की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ तब आया, जब राज्य सरकार के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने संताल परगना क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर खनन पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री ने एक निजी मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा कि संताल क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। इस अवैध गतिविधि के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिससे लोगों की जान भी गई है। उन्होंने बताया कि अवैध बालू और पत्थर से भरे ट्रक और हाइवा तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे सड़क पर हादसों की संख्या बढ़ रही है।
दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई
मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले की गहरी जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी, माफ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस संदर्भ में मंत्री ने प्रदीप यादव द्वारा भेजे गए पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें एक बालू घाट से प्रतिदिन 27 लाख रुपये की अवैध कमाई का आरोप लगाया गया था। उनका कहना है कि यह समस्या केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में अवैध खनन का जाल फैला हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि महगामा, हंसडीहा और अन्य क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां चरम पर हैं और इन स्थानों की पुलिस कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गंभीर आपराधिक घटनाओं पर पर्याप्त कार्रवाई न होने पर सवाल उठाया। उन्होंने पुनः कहा कि राज्य में अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए।
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