रांची। स्कूल बैग की खरीद्दारी में झारखंड शिक्षा परियोजना (जेईपीसी) की धांधली रूकने का नाम नहीं ले रही है।
अब ताजा मामला है फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर यूपी की दो कंपनी से स्कूल बैग की खरीद्दारी का। यूपी के गाजियाबाद की दो कंपनियों ने जेईपीसी में 300 जीएसएम सिंगल लेयर आर्ट पेपर संबंधी फर्जी रिपोर्ट जमा कर दी है। उसके आधार पर जेईपीसी स्कूल बैग के टेंडर के टेक्नीकल बिड में इन दोनों कंपनियों को पास कर दिया है, जबकि इस फिल्ड की महारथी कंपनी कोरस इंडिया लिमिटेड को टेक्नीकल बिड में ही छांटने की तैयारी हो गयी है। इसके खिलाफ कोरस इंडिया के अधिकारियों ने झारखंड शिक्षा परियोजना की निदेशिका से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज करवायी है। कोरस का कहना है कि 300 जीएसएम सिंगल लेयर आर्ट पेपर तैयार ही नहीं होता है, ऐसे में कोई भी कंपनी बैग में इस पेपर का उपयोग भला कैसे कर सकती है।
सुमाजा और विनिश्मा ने जमा की फर्जी रिपोर्ट
स्कूल बैग की खरीद्दारी के लिए गाजियाबाद की कंपनी सुमाजा इलेक्ट्रोइंफ्रा प्रालि. तथा विनिश्मा टेक्नोलॉजिज प्रालि. ने जेईपीसी में 300 जीएसएम सिंगल लेयर आर्ट पेपर का जो रिपोर्ट एमएसएमई से लेकर जमा किया है, दरअसल वह प्रोडक्ट बनता ही नहीं है। ये दोनों कपंनियां आर्ट पेपर का गलत रिपोर्ट जमा कर फर्जी तरीके से टेंडर लेने की तैयारी में है।
ब्लैकलिस्टेड करने की जगह दिया जा रहा ईनाम
ऐसे फर्जी रिपोर्ट जमा करनेवाली कंपनी को नियमानुसार जेईपीसी को ब्लैकलिस्टेड करना चाहिए, लेकिन उपरी दबाव में जेईपीसी के अधिकारी कान में तेल डालकर फर्जी कंपनी को टेंडर जारी करने की जुगत में लगे हैं। जेईपीसी ने पिछले साल ऐसे ही रिपोर्ट में गड़बड़ी के मामले में पांच कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया था। परंतु इस बार जेईपीसी के अधिकारी नियम-कानून को ताखे पर रखकर बड़ी खेल खेलने में जुटे हैं।
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