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एक नज़र में पूरी खबर
- विधायक सरयू राय ने टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों की देरी के मुद्दे पर चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया के साथ बैठक की।
- बैठक में रेलवे अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यात्री ट्रेनें हाल के दिनों में निर्धारित समय से काफी देर से पहुंच रही हैं, और सुधार के लिए योजनाएं बनाने की बात कही गई।
- सरयू राय ने तत्काल राहत की आवश्यकता पर जोर देते हुए रेलवे अधिकारियों से ठोस कदम उठाने की मांग की और 7 अप्रैल को प्रस्तावित नागरिक धरने का उद्देश्य भी इसी समस्या के समाधान को बताया।
टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों की देरी पर विधायक सरयू राय की बैठक
जमशेदपुर: विधायक सरयू राय ने रविवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों की लगातार हो रही देरी के मुद्दे पर चर्चा करना था।
बैठक में शामिल अधिकारी और स्थिति की समीक्षा
बैठक में रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें सीनियर डीसीएम, एरिया मैनेजर, डिवीजनल इंजीनियर और आरपीएफ प्रभारी शामिल थे। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में यात्री ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से टाटानगर पहुंच रही हैं। इसके पीछे विभिन्न परिचालन कारणों का हवाला दिया गया और सुधार के लिए योजनाएं बनाने की बात कही गई, लेकिन इन योजनाओं के लागू होने में कुछ महीने लग सकते हैं।
तत्काल राहत की आवश्यकता पर जोर
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि आम जनता को तत्काल राहत की आवश्यकता है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से पूछा कि अगले कुछ दिनों में देरी कम करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, विधायक ने 7 अप्रैल को प्रस्तावित नागरिक धरने का मुख्य उद्देश्य भी इसी समस्या के त्वरित समाधान को बताया।
ट्रेन देरी का डेटा और सुझाव
विधायक ने रेलवे से पिछले तीन-चार महीनों में टाटानगर पहुंचने वाली प्रमुख ट्रेनों की देरी का विस्तृत डेटा भी मांगा। उन्होंने सुझाव दिया कि वेबसाइट के आंकड़ों के आधार पर यह विश्लेषण किया जाए कि देरी के मुख्य कारण क्या हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है।
डीआरएम का निर्देश और यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता
डीआरएम तरुण हुरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोमवार तक पूरी रिपोर्ट तैयार कर विधायक को सौंपी जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और समाधान की दिशा तय की जा सके। सरयू राय ने सुझाव दिया कि यदि आवश्यकता पड़े, तो कुछ समय के लिए मालगाड़ियों को रोककर यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे यात्रियों को राहत मिल सके।
नागरिक धरने का आश्वासन
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक रेलवे प्रशासन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिखाता, तब तक केवल आश्वासनों पर भरोसा करना कठिन है। विधायक ने आशा व्यक्त की कि रेलवे प्रशासन अपनी रिपोर्ट में देरी दूर करने के लिए ठोस और त्वरित उपाय पेश करेगा, ताकि यात्रियों का भरोसा पुनः बहाल हो सके।
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