Table of Contents
एक नज़र में पूरी खबर
- जमशेदपुर नगर निगम (जेएनएसी) ने सैरात बाजारों के दुकानों के किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी की है, जिसके खिलाफ दुकानदारों ने आंदोलन शुरू किया है।
- दुकानदारों ने जेएनएसी से स्पष्ट जानकारी की मांग की है कि किराया बढ़ोतरी के पीछे कौन-सा आदेश है, लेकिन अधिकारियों से संपर्क करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
- साकची बाजार में फुटपाथी दुकानदारों की अव्यवस्था के कारण ग्राहकों के आने-जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसे लेकर दुकानदारों ने समस्या का समाधान करने की मांग की है।
जमशेदपुर में दुकानदारों का जेएनएसी के खिलाफ आंदोलन
जमशेदपुर: सैरात बाजारों में दुकानों के किराए में बढ़ोतरी के चलते जमशेदपुर नगर निगम (जेएनएसी) विवादों में घिर गई है। दुकानदारों ने इस बढ़ोतरी के कारणों की जानकारी मांगते हुए जेएनएसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि जेएनएसी ने किराया बढ़ाने के लिए किसी नियम या राज्य के अधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि यह निर्णय किस आधार पर लिया गया है।
दुकानदारों की मांगें
दुकानदारों ने जेएनएसी से स्पष्ट जानकारी की मांग की है कि किराया बढ़ोतरी के पीछे कौन-सा आदेश है। जब भी ऑल मार्केट एसोसिएशन के सदस्य इस मुद्दे पर जेएनएसी कार्यालय जाते हैं, तो अधिकारी वहां नहीं मिलते। इसके अलावा, अधिकारियों द्वारा फोन का जवाब न देने की भी शिकायतें हैं। इस स्थिति से निराश होकर ऑल मार्केट एसोसिएशन ने आंदोलन का निर्णय लिया है। मंगलवार को उन्होंने जेएनएसी के समक्ष महाधरना शुरू किया। इस धरने में महासचिव नसीम अंसारी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
साकची बाजार की समस्याएं
संगठन के अध्यक्ष हरविंदर सिंह मंटू ने कहा कि साकची समेत अन्य सैरात बाजारों में कई समस्याएं हैं। उन्होंने बताया कि फुटपाथी दुकानदारों की अव्यवस्था के कारण ग्राहकों के आने-जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने जेएनएसी से मांग की है कि साकची बाजार से फुटपाथी दुकानदारों को हटाया जाए ताकि समस्या का समाधान हो सके।
किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी
इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि जेएनएसी ने सैरात दुकानों के किराए में कई गुना बढ़ोतरी की है। दुकानदारों का कहना है कि इस निर्णय के बारे में उन्हें या उनके संगठन को पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई थी। इस बढ़ोतरी के खिलाफ दुकानदार अब सड़कों पर उतर आए हैं और अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस खबर से जुड़ी अन्य खबरें
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!