ईशान किशन ने वर्ल्ड कप ट्रॉफी विवाद पर कीर्ति आजाद का जवाब दिया

by TejaswitaTejaswita Mani
'हम वर्ल्ड कप जीते हैं, कुछ अच्छा पूछिए', वीडियो में देखें ईशान किशन का कीर्ति आजाद की 'मंदिर' वाली टिप्पणी पर रिप्लाई | Ishan Kishan Returns to Patna Star Cricketer Shuts Down World Cup Trophy Controversy

नई दिल्ली: गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली शानदार जीत के बाद, भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी ईशान किशन पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर फैंस ने उनका भव्य स्वागत किया। ईशान ने इस जीत को पूरे देश की जीत मानते हुए खुशी व्यक्त की। हालांकि, इस खुशी के बीच कीर्ति आजाद द्वारा वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर उठाए गए विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है।

ईशान किशन के पटना पहुंचने से वहां का माहौल जश्न में बदल गया। प्रशंसकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। ईशान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह जीत 140 करोड़ भारतीयों की है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे भविष्य में इसी तरह से फैंस का मनोरंजन करते रहेंगे और सभी का धन्यवाद किया।

मंदिर विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया

हाल ही में, सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर द्वारा ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर कीर्ति आजाद ने अपनी आपत्ति व्यक्त की थी। जब ईशान से इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय को नजरअंदाज करते हुए कहा कि ऐसे नकारात्मक सवालों की घटनाओं के बाद उचित नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कीर्ति आजाद के व्यक्तिगत बयान पर उनकी कोई टिप्पणी नहीं होगी और उनके लिए खेल और जीत का अनुभव ही महत्वपूर्ण है।

युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा

ईशान किशन ने बिहार और झारखंड के युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने बताया कि कड़ी मेहनत के बिना सफलता संभव नहीं है। किसी भी छोटे जिले से आने वाले खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के बल पर ऊंचाइयों को छू सकते हैं। ईशान ने अपनी तरफ से जिला स्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश जारी रखने का आश्वासन दिया।

कीर्ति आजाद का विवादित बयान

गौरतलब है कि 1983 के विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद ने ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह सवाल किया कि ट्रॉफी को मस्जिद या चर्च क्यों नहीं ले जाया गया। उनके इस बयान ने देशभर में एक बहस को जन्म दिया है। आजाद ने तर्क किया कि यह ट्रॉफी सभी भारतीयों की है और इसे किसी विशेष धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनके दृष्टिकोण ने राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा उत्पन्न की है।

राजनीतिक घमासान और आरोप

कीर्ति आजाद के बयान ने पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। भाजपा ने उन पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस उनके समर्थन में खड़ी है। टीएमसी का कहना है कि खेल का भगवाकरण किया जा रहा है। हालांकि, खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का मानना है कि मैदान पर मिली सफलता को राजनीतिक विवादों से अलग रखना ही देशहित में है, ताकि खेल की गरिमा और एकता बनी रहे।

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