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गीजर टिप्स: ठंड में सही देखभाल के उपाय
सर्दियों का मौसम आते ही कई लोग अपने गीजर का उपयोग शुरू कर देते हैं। अगर आपने हाल ही में महसूस किया है कि आपका गीजर पानी गर्म करने में अधिक समय ले रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। गीजर केवल धीमा नहीं चल रहा है, बल्कि यह अधिक बिजली भी खा सकता है।
इस स्थिति का अर्थ है कि आपके गीजर को थोड़ी देखभाल और मेंटेनेंस की आवश्यकता है। टेक्नीशियन को बुलाने या नया गीजर खरीदने से पहले, यहां 5 आसान उपाय दिए गए हैं जो न केवल आपके गीजर को जल्दी पानी गर्म करने में मदद करेंगे बल्कि बिजली की बचत भी करेंगे।
हीटिंग एलिमेंट की सफाई या बदलाव
हीटिंग एलिमेंट गीजर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है जिसे समय-समय पर सफाई या बदलने की आवश्यकता होती है। हार्ड वॉटर के कारण इस पर खनिज जमने लगते हैं, जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम, जो गर्मी के ट्रांसफर में बाधा डालते हैं। इससे गीजर को पानी गर्म करने में अधिक समय लगता है और बिजली की खपत बढ़ जाती है।
अंदर वाले टैंक की सफाई (डिस्केलिंग)
गीजर के टैंक में समय के साथ पानी के मिनरल जमा हो जाते हैं, जिससे एक परत बन जाती है। यह परत इंसुलेटर की तरह काम करती है और पानी को सही तरीके से गर्म नहीं होने देती है। यदि स्केल अधिक जमा हो जाए, तो टैंक में जंग लगने और लीक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि सर्विसिंग के दौरान तकनीशियन से टैंक की डिस्केलिंग करवाएं।
थर्मोस्टेट की सेटिंग की जांच
थर्मोस्टेट का काम यह तय करना है कि पानी कितनी गर्मी तक पहुंचेगा। कई लोग बिजली की बचत करने के चक्कर में थर्मोस्टेट की सेटिंग बहुत कम कर देते हैं, जिससे पानी गर्म होने में अधिक समय लगने लगता है। इसे 50°C से 60°C के बीच सेट करना बेहतर होता है।
सही पावर सप्लाई का इस्तेमाल
गीजर को सही तरीके से काम करने के लिए स्थिर वोल्टेज की आवश्यकता होती है। यदि वोल्टेज 200 वोल्ट से नीचे चला जाता है, तो पानी को गर्म करने में समस्या हो सकती है और अन्य पार्ट्स खराब हो सकते हैं। एक अच्छी गुणवत्ता का स्टेबलाइजर उपयोग करें ताकि वोल्टेज स्थिर बना रहे।
पानी का प्रेशर सही करें
कई बार समस्या गीजर में नहीं, बल्कि पानी के प्रवाह में होती है। कम पानी के प्रेशर से टंकी धीरे-धीरे भरती है, जिससे गर्म होने में समय लगता है। पाइप या प्रेशर वाल्व में जमी गंदगी को साफ करें और सुनिश्चित करें कि पानी की सप्लाई नियमित आ रही है। यदि फिर भी समस्या बनी रहती है, तो एक प्लंबर से जांच करवाएं।
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