Table of Contents
भाजपा में नई टीम की तैयारी, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा प्रमुखता
नई दिल्ली। नितिन नवीन के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में एक नई टीम के गठन पर विचार विमर्श चल रहा है। पार्टी में युवा और महिलाओं को तरजीह दिए जाने की चर्चा हो रही है, जिससे मौजूदा और पुराने नेताओं में बेचैनी देखी जा रही है। कई नेताओं को उम्र के आधार पर चिंता भी सता रही है। हाल ही में अनेक नेताओं को दी गई विशेष चुनावी जिम्मेदारियों ने हाशिए पर रहे नेताओं में थोड़ी सी उम्मीद जगाई है, लेकिन जब टीम का गठन होगा, तब कौन किस स्थान पर होगा, इसे लेकर अभी भी संशय बरकरार है।
नई टीम की संभावित घोषणा
भाजपा की नई टीम के मध्य अगले माह में आने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इस संदर्भ में पहले ही व्यापक चर्चा हो चुकी है और अब अंतिम रूप देने का उचित समय है। केंद्रीय टीम में उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिवों के पदों पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। तीनों स्तरों पर लगभग आधे नए चेहरे होंगे, जबकि कुछ नेताओं को स्थान परिवर्तन किया जाएगा। यह बदलाव नए नेतृत्व को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे युवा नेताओं की मौजूदगी से नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
महिलाओं की संख्या में वृद्धि
भविष्य में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को विशेष आरक्षण दिए जाने के मद्देनजर भाजपा की नई टीम में पिछली टीम की तुलना में अधिक महिलाओं की उम्मीद की जा रही है। भाजपा के संविधान के अनुसार, केंद्रीय पदाधिकारियों के लिए एक तिहाई पद महिलाओं को दिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन इस बार इस नियम का पालन होना मुश्किल नजर आ रहा है। पार्टी के विस्तारीकरण के दृष्टिकोण से, केंद्रिय टीम में राज्यों में सक्रिय कई नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं।
जिम्मेदारियों का वितरण
सूत्रों का कहना है कि राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति में केंद्रीय पदाधिकारियों का होना आवश्यक नहीं है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों को भी इस जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। चूंकि प्रभारियों की भूमिका अनुभव के संदर्भ में महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसमें वरिष्ठ नेताओं को अधिक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!