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देव मीणा पर रेलवे जुर्माना: एक शर्मनाक घटना
पनवेल: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हमारे सिस्टम की संवेदनहीनता का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में, मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्राष्ट्रीय एथलीट देव मीणा को पनवेल रेलवे स्टेशन पर एक अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों के व्यवहार ने खेल जगत में निराशा का माहौल बना दिया है।
संबंधित घटना का वर्णन
नेशनल रिकॉर्ड धारक देव मीणा कर्नाटक के मंगलुरु में आयोजित प्रतियोगिता के बाद महाराष्ट्र लौट रहे थे। जब वे पनवेल स्टेशन पहुंचे, उनके पास पोल वॉल्ट के लिए आवश्यक उपकरण ‘पोल’ मौजूद था। रेलवे कर्मचारियों ने इसे ले जाने के लिए उनसे भारी जुर्माना वसूल किया।
देव मीणा का दुखद अनुभव
अपने अनुभव को साझा करते हुए देव मीणा ने कहा, “एक एथलीट को अक्सर इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हम खेल उपकरण ले जाने के लिए शुल्क चुकाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस तरह का बदतमीजी भरा व्यवहार सहन नहीं किया जा सकता। यह हमारे मनोबल को तोड़ता है।” उन्होंने भारतीय रेलवे और खेल मंत्रालय से अपील की है कि खेल उपकरणों के परिवहन के लिए उचित समाधान निकाला जाए।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और खेल जगत में तीव्र नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब खिलाड़ी विदेश से मेडल के साथ लौटते हैं, तो उन्हें सम्मान दिया जाता है, लेकिन जब वही खिलाड़ी अपने भारी खेल उपकरणों के साथ यात्रा करते हैं, तो उन्हें बदतमीजी का सामना करना पड़ता है।
खेल मंत्रालय और रेलवे से मांगें
पोल वॉल्ट के पोल लंबाई में काफी होते हैं, जिनके लिए ट्रेन या फ्लाइट में विशेष अनुमति आवश्यक होती है। इस घटना के बाद, खेल जगत में यह मांग उठ रही है कि रेल मंत्रालय और खेल मंत्रालय मिलकर एथलीटों के लिए एक ‘स्मूथ ट्रैवल पॉलिसी’ बनाएं, ताकि भविष्य में किसी भी एथलीट को इस तरह की अपमानजनक स्थिति का सामना न करना पड़े।
देव मीणा की उपलब्धियां
देव मीणा सिर्फ एक साधारण खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स में एक चमकता सितारा हैं। उन्होंने 2025 के राष्ट्रीय खेलों में 5.32 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड शिवा सुब्रमण्यम के नाम था, जिन्होंने 2022 में 5.31 मीटर की छलांग लगाई थी।
अंतरराष्ट्रीय पदक की उपलब्धि
देव मीणा ने दुबई में 21वीं एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप (अंडर-20) में कांसा पदक जीता, जो मध्य प्रदेश के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय पदक था। मध्य प्रदेश सरकार ने उनके प्रशिक्षण के लिए क्यूबा के कोच एंजेल एडुआर्डो गार्सिया एस्टेबान को भोपाल बुलाया था।
देवास का गौरव
देवास जिले के सिल्फोड़खेड़ा गांव से निकलकर देव मीणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और भुवनेश्वर में 27वीं सीनियर नेशनल फेडरेशन चैम्पियनशिप में 5.10 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
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