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मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारी
भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द आयोजित होने वाले राज्यसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस साल अप्रैल से जून के बीच राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं, जिनमें भाजपा की दो और कांग्रेस की एक सीट शामिल है। इससे पहले दावेदारी और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कौन से नेता राज्यसभा में पहुंचेंगे।
राज्यसभा के लिए बीजेपी के दावेदार
भारतीय जनता पार्टी में राज्यसभा के लिए कई प्रमुख दावेदार सामने आए हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया शामिल हैं। इसके अलावा, कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए रामनिवास रावत भी इस रेस का हिस्सा हैं। ऐसे में भाजपा के लिए युवा चेहरों को मौका देने की बात भी चर्चित हो रही है। साधु-संतों को भी महत्व देने का विचार किया जा रहा है।
कांग्रेस के दावेदार
कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने अपनी सीट छोड़ने की घोषणा की है, जिससे उनकी स्थान पर नए दावेदारों की चर्चा बढ़ गई है। दौड़ में पूर्व सांसद नकुलनाथ, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, सज्जन सिंह वर्मा और मीनाक्षी नटराजन भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। युवा नेतृत्व को भी इस बार मौका मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
एमपी की राज्यसभा सीटों की स्थिति
मध्य प्रदेश में कुल 11 राज्यसभा सीटें हैं, जिनमें से 8 भारतीय जनता पार्टी और 3 कांग्रेस के पास हैं। इस साल 9 अप्रैल को दिग्विजय सिंह और भाजपा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 तक जारी रहेगा। इस परिस्थिति ने राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है।
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