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भारतीय सेना और आईटीबीपी का संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’
नई दिल्ली। भारतीय सेना समय-समय पर अपनी युद्ध तैयारियों का आकलन करने के लिए सैन्य अभ्यास आयोजित करती है। हाल ही में, अरुणाचल प्रदेश में सेना ने भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के साथ मिलकर एक विशेष अभ्यास का आयोजन किया, जिसे ‘अग्नि परीक्षा’ नाम दिया गया है।
अभ्यास की विस्तार जानकारी
प्रशिक्षण की विशिष्टताएं
लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि यह गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम दोनों बलों के बीच ऑपरेशनल इंटीग्रेशन में महत्त्वपूर्ण है। स्पीयर कोर के स्पीयरहेड गनर्स ने पैदल सेना रेजिमेंट और आईटीबीपी के कर्मियों के साथ मिलकर इस अभ्यास का संचालन किया। यह एक अनूठा गोलाबारी प्रशिक्षण पहल है, जिसका उद्देश्य तोपखाने के विभिन्न अभियानों की प्रक्रियाओं को गैर-तोपखाना कर्मियों के साथ साझा करना है।
तोपखाने का उपयोग और आपसी समन्वय
प्रशिक्षण के दौरान, आईटीबीपी और सेना के कर्मियों को अनुभवी स्पीयरहेड गनर्स के मार्गदर्शन में कई तोपखाना फायरिंग अभ्यास करने के लिए तैयार किया गया। कर्नल रावत के अनुसार, इसका मुख्य लक्ष्य पारंपरिक भूमिकाओं के बीच की दूरी को कम करना और गतिशील युद्ध परिदृश्यों में गोलाबारी के एकीकरण को समझाना था।
अभ्यास का महत्व और भविष्य की तैयारी
कर्नल रावत ने बताया कि ‘अग्नि परीक्षा’ का पहला चरण भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए आवश्यक एकीकृत युद्ध क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अभ्यास का सफल संचालन भारतीय सेना की कार्यकुशलता और मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह अभ्यास सेना के निरंतर अनुकूलन, नवाचार, और अंतर-एजेंसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सिद्ध करता है, ताकि बदलती परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
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