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भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में 30 रनों से मिली हार, गुवाहाटी पिच पर खुलासा
नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आयोजित दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया, जहाँ भारतीय टीम को केवल तीन दिन में 30 रनों से एक कड़ी हार का सामना करना पड़ा। यह 15 वर्षों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू परिस्थितियों में पहली टेस्ट हार रही।
अब सभी की नजरें दूसरे टेस्ट पर हैं, जो 22 नवंबर को गुवाहाटी में शुरू होगा। कोलकाता में स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल पिच के बाद, गुवाहाटी में एक बिल्कुल अलग पिच देखने की संभावना है।
गुवाहाटी में तैयार हो रही पिच
सूत्रों के अनुसार, गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में दूसरे टेस्ट के लिए लाल मिट्टी की पिच बनाई जा रही है, जो कि कोलकाता की काली मिट्टी पिच के बिल्कुल विपरीत होगी। लाल मिट्टी की पिच में आमतौर पर अधिक उछाल और गति देखने को मिलती है।
गुवाहाटी पिच की विशेषताएँ
बीसीसीआई के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “गुवाहाटी की पिच में गेंदबाजों को अच्छी स्पीड और बाउंस प्राप्त होगा। घरेलू सीजन शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने अपनी पिच के चयन को स्पष्ट कर दिया था। यदि पिच पर टर्न आती है, तो वह भी तेजी और उछाल के साथ ही आएगी। क्यूरेटर इस पर ध्यान दे रहे हैं कि अनियमित उछाल न हो।
कोलकाता टेस्ट पर गौतम गंभीर की राय
कोलकाता की पिच को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। टेस्ट के पहले ही दिन से पिच पर तेजी से टर्न देखा गया, और कोई भी टीम 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। भारत को चौथी पारी में 124 रनों का लक्ष्य मिला, लेकिन पूरी टीम केवल 93 रनों पर सिमट गई।
गुवाहाटी टेस्ट के बारे में गंभीर का विचार
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा, “हम नहीं चाहते कि पिच पहले दिन से ही टर्न ले। टॉस को प्राथमिकता नहीं बनाना चाहिए। हम खराब या अत्यधिक टर्निंग पिच नहीं चाहते। यदि हम इस मैच को जीत जाते, तो शायद पिच के मुद्दे पर चर्चा नहीं होती।”
उन्होंने आगे कहा, “अब हमें मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनना होगा। गुवाहाटी की पिच जो भी होगी, हम प्रदर्शन के लिए तैयार रहेंगे।”
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