कोरोना संक्रमण को देखते हुए रांची में कंटेनमेंट और बफर जोन बनाने का निर्देश

by Aaditya HridayAaditya Hriday
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स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने डीसी को 12 विंदुओं पर कार्रवाई करने को कहा

रांची। राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। जिसमें राजधानी का नाम सबसे उपर है। रांची जिला में कोरोना के काफी तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सर्तक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने उपायुक्त छवि रंजन को संक्रमण रोकने के लिए कंटेनमेंट व बफर जोन बनाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उन्होंने कहा कि जिस तरह रांची में संक्रमण बढ़ रहा है। उससे यहां संक्रमण रोकने के लिए विशेष उपाय अविलंब करने होंगे। उन्होंने 12 बिंदुओं में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए उपायुक्त को अलग से पत्र लिखा है।

26 दिसंबर से एक जनवरी के बीच रांची में 1300 नए मामले
अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह के अनुसार रांची में दो सप्ताह से कोरोना का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है। 19 से 25 दिसंबर के बीच यहां 99 नए मामले ही मिले थे तथा संक्रमण दर 0.26 प्रतिशत ही थी। 26 दिसंबर से एक जनवरी के बीच यहां 1300 नए केस मिले तथा संक्रमण दर 3.01 प्रतिशत रही। अपर मुख्य सचिव ने दूसरी लहर के अनुभव के आधार पर मरीजों के इलाज के लिए सभी प्रकार के आवश्यक बेड, चिकित्सक, अन्य पारा मेडिकल कर्मी व आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।
होम आइसोलेशन के संक्रमितों पर रखे कड़ी नजर
होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की कड़ी निगरानी करने को कहा है। होम आइसोलेशन में रहनेवाले मरीजों को देखने दिन में दो बार अनिवार्य रूप से टीम जाएगी। उन्होंने टीकाकरण में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि दूसरी लहर का अनुभव बताता है कि टीकाकरण से लोगों की जान बचाई जा सकती है।

हर संक्रमित से संपर्क में आनेवाले 30 लोगों की हो जांच
अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने उपायुक्त को हर कोरोना संक्रमित के संपर्क में आनेवाले कम से कम 30 लोगों की कोरोना जांच करने को कहा है। साथ ही कोरोना नियंत्रण के लिए कंट्रोल/वार रूम भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सभी सिविल सर्जन वेंटिलेटर को रखें तैयार
उधर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के अभियान निदेशक रमेश घोलप गोरख ने सभी जिलों को पूर्व में दिए गए वेंटिलेटरों को क्रियाशील रखने के निर्देश सभी सिविल सर्जनों को दिए हैं। उन्होंने राज्य में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को लेकर ये निर्देश दिए हैं। अभियान निदेशक ने सिविल सर्जनों को भेजे गए पत्र में कहा है कि अपने-अपने जिलों में उपलब्ध सभी वेंटिलेटर को क्रियाशील स्थिति में रखें। इसके लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित करें।

वेंटिलेटर की वारंटी अवधि खत्म हो तो कराएं नवीकरण
अभियान निदेशक ने वेंटिलेटर के संचालन व रखरखाव में किसी प्रकार की कठिनाई आने पर उसके के निवारण के लिए भारत सरकार के कंप्रीहेंसिव वेब बेस्ड कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से संबंधित फर्म को शिकायत करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि जिलों को उपलब्ध कराए गए वेंटिलेटर्स की वारंटी अवधि एक साल ही थी। ऐसे में जिन वेंटिलेटर की वारंटी अवधि खत्म हो गई है, उनका तत्काल नवीकरण कराया जाए। साथ ही जिलों में उपलब्ध प्रशिक्षित चिकित्सक/पारा कर्मी द्वारा ही इनका संचालन सुनिश्चित किया जाए।

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