कोल्हान विश्वविद्यालय में पुरानी नियमावली से पीएचडी प्रवेश परीक्षा अप्रैल में

150 सीटों के लिए आॅनलाइन होगी आवेदन, प्रक्रिया पूरा करने के लिए बनी कमिटी

चाईबासा। कोल्हान विश्वविद्यालय में शोध पंजीकरण के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा अप्रैल में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूसीजी) की ओर से तय 2016 की नियमावली के आधार पर होगी। बताया गया कि अलग-अलग विभागों में 150 से अधिक सीट उपलब्ध है। इसके लिए जल्द ही आवेदन आमंत्रित किए जा सकते हैं। आवेदन की पूरी प्रक्रिया आॅनलाइन होगी। अप्रैल में प्रवेश परीक्षा संचालित करने की योजना है। कोल्हान विश्वविद्यालय में अब तक 2 शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा सका है। पहली परीक्षा 2012 और दूसरी परीक्षा 2016 में आयोजित हुई थी। केयू के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. पीके पणि ने बतया कि कमेटी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि अप्रैल में प्रवेश परीक्षा करा ली जाए।

मई 2022 तक एडमिशन करने की तैयारी
केयू प्रबंधन के अनुसार, मई-2022 तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए डीन (सोशल साइंस) डॉ आशा कुमार के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया है। टीम की ओर से विश्वविद्यालय के सभी स्नातकोत्तर विभागों से शोध के लिए रिक्त सीटों का ब्योरा मांगा गया था।

कोरोना के कारण 2023 तक नई नियमावली स्थगित
कोरोना संक्रमण को देखते हुए यूजीसी ने नई नियमावली को 2023 तक के स्थगित कर दिया है। यही वजह है कि केयू की पीएचडी प्रवेश परीक्षा यूजीसी की नियमावली 2016 के तहत होगी।

नई नियमावली में नेट-जेआरएफ जरूरी
पीएसडी को लेकर यूजीसी ने 2021 में नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए नेट या जेआरएफ को अनिवार्य कर दिया गया था। इससे पहले की नियमावली में 55 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण पीजी विद्यार्थी योग्य थे।

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