गोशामहल (तेलंगाना) के विधायक टी. राजासिंह को तत्काल सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें मार डालने की धमकियां देनेवालों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग !
धनबाद : गोशामहल विधानसभा मतदारसंघ के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजासिंह को 23 अगस्त 2022 को बंदी बनाया गया । उन पर एक पंथ के श्रद्धास्थानों का कथित अपमान करने का आरोप है । इस प्रकरण में न्यायालय ने उन्हें जमानत भी दी है । उसके पश्चात अन्य एक दूसरे प्रकरण में विधायक टी. राजासिंह को पुनः 25 अगस्त 2022 को बंदी बनाया गया । कुल मिलाकर इस प्रकरण में विधायक टी. राजासिंह को जानबूझकर लक्ष्यकर सताया जा रहा है । अब तो उन पर ‘पी.डी. एक्ट’ के अंतर्गत अपराध प्रविष्ट कर उन्हें न्यूनतम एक वर्ष जेल में फंसाकर रखने का बडा षड्यंत्र रचा गया है । उन्हें बंदी बनाने से पूर्व और बंदी बनाने के पश्चात जिहादी प्रवृत्ति के धर्मांधों द्वारा मार डालने की धमकियां दी जा रही हैं । उसी प्रकार ‘सर तन से जुदा’ जैसे प्रक्षोभक और मार डालने के नारे लगाते हुए हिंसक आंदोलन किए जा रहे हैं ।

इस पृष्ठभूमि पर समिति ने निम्न मांगे रखी है :-
- जिहादी प्रवृत्ति के विधायक, पदाधिकारियों द्वारा उक्त प्रकार की सीधा कानून हाथ में लेने हेतु भडकाया जाता है, तब पुलिस उनपर कार्यवाही करते हुए दिखाई नहीं देती । इसलिए कानून व्यवस्था बिगाडने के इच्छुक संबंधित जनप्रतिनिधियों पर तथा उन पर कार्यवाही न करनेवाले पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्यवाही की जाए ।
- तेलंगाना में ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ की सरकार है तथा वे अल्पसंख्यकों के समर्थक और उनकी चापलूसी करनेवाली है । तेलंगाना सरकार पक्षपात कर रही है । इसलिए राज्य में हिंसाचार करनेवालों को पुलिस द्वारा छोड देने के कारण राज्य की कानून-व्यवस्था और बिगड सकती है । इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय इसे संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करे ।
- टी. राजासिंह को तेलंगाना सरकार से न्याय मिलने की संभावना दिखाई नहीं देती । इसलिए उनके सर्व अभियोग महाराष्ट्र अथवा कर्नाटक अथवा गोवा आदि पडोसी राज्यों में हस्तांतरित किए जाएं ।
- टी. राजासिंह को जिस कारागृह में रखा गया है, वहां पहले से ही जिहादी आतंकवादियों को रखा गया है । इस कारागृह में टी. राजासिंह के प्राण संकट में हैं । अतः उन्हें सुरक्षित कारागृह में रखा जाए ।
- टी. राजासिंह पर पुराने केसेस के अभियोग प्रविष्ट कर उन्हें कारागृह में रखने का प्रयास किया जा हा है । उन्हें न्याय मिलने की दृष्टि से केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे ।
इन मांगों को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक श्री शंभू गवारे तथा श्री अमरजीत प्रसाद, धर्मनिष्ठ श्री प्रमोद कुमार श्रीवास्तव सहभागी हुए ।
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