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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड हाईकोर्ट में मर्सिडीज-बाइक टकराव मामला
रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में एक मर्सिडीज और बाइक के बीच हुई टक्कर का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट पहुँच चुका है। हाईकोर्ट ने अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ जारी जांच पर प्रतिबंध लगा दिया है। उनका कहना है कि यह घटना केवल एक साधारण सड़क दुर्घटना थी, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें परेशान किया।
दुर्घटना का विवरण
17 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 10 बजे, मनोज टंडन अपनी मर्सिडीज में हाईकोर्ट जा रहे थे, तभी अचानक उनकी गाड़ी के सामने एक मोटरसाइकिल आ गई, जिससे हल्की टक्कर हुई। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। मनोज ने कोर्ट में शिकायत की कि पुलिस ने उन्हें और उनकी कार को रोक लिया। उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक डोरंडा पुलिस स्टेशन में रखा गया जबकि उनकी कार भी पुलिस के कब्जे में गई, लेकिन इस दौरान कोई जब्ती रिपोर्ट तैयार नहीं की गई।
अधिवक्ता की याचिका
मनोज टंडन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ FIR बेवजह दर्ज की गई और उनकी गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया। मनोज के वकीलों का कहना है कि डोरंडा थाना में केस नंबर 51/2026 और 52/2026 अलग-अलग अधिकारियों को सौंपे गए हैं। इसलिए उन्होंने निष्पक्षता के लिए इस मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है।
हाईकोर्ट का निर्णय
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया है कि मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी तरह की जांच स्थगित की जाए। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ CBI को नोटिस जारी करते हुए प्रस्तावित किया कि मोबाज खान और उनके प्रतिबंधित संगठन PFI से संबंधित मामलों की जांच की जाए।
अगली सुनवाई की तिथि
हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि निर्धारित की है। मनोज टंडन के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस का यह व्यवहार बिना नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है। अब देखना होगा कि अगली सुनवाई में CBI जांच की मांग पर क्या निर्णय आता है।
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