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एक नज़र में पूरी खबर
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवारों का समर्थन किया और स्थानीय लोगों से वोट देने की अपील की।
- उन्होंने चाय बागान श्रमिकों, किसानों और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की।
- सोरेन ने एकजुटता की शक्ति पर बल दिया और समाज में शांति और भाईचारे को विकास के लिए आवश्यक बताया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का असम विधानसभा चुनाव में समर्थन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के दौरान मज़बत और रांगापाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाओं का आयोजन किया। उन्होंने मज़बत से प्रीति रेखा बारला और रांगापाड़ा से मैथ्यू टोपनो का समर्थन करते हुए स्थानीय लोगों से वोट देने की अपील की।
चाय बागान श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा
हेमंत सोरेन ने इस क्षेत्र के चाय बागान श्रमिकों, किसानों और आदिवासी समुदाय की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने बागानों में अपनी मेहनत से योगदान दिया है, लेकिन उन्हें अब तक उनका हक और सम्मान नहीं मिला है।
बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई चाय बागान क्षेत्रों में अभी भी बिजली, सड़क और पक्के मकान जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज करना अब अस्वीकार्य है और इसे प्राथमिकता के साथ हल करने की जरूरत है।
एकजुटता की शक्ति
सोरेन ने कहा कि यदि श्रमिक, किसान और आदिवासी समुदाय एकजुट होकर अपनी मांगें उठाएंगे, तो कोई भी उनकी आवाज को अनदेखा नहीं कर सकेगा। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने मतदान का सही तरीके से उपयोग करें और केवल वादों में न उलझें।
सौहार्द और विकास के लिए ज़रूरी है एकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति और आपसी भाईचारा विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाजन की राजनीति विकास में बाधा डालती है, इसलिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
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