कांग्रेस भवन में स्वास्थ्य मंत्री का लगा जनता दरबार, लोगों ने सुनाई समस्याएं

by Aaditya HridayAaditya Hriday

काम से हटाए गए फरियादी स्वास्थ्य मंत्री के जनता दरबार में फूट-फूटकर रोने लगा
रांची। आम लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए कांग्रेस ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर जनता दरबार की शुरूआत की है। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों में सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने आज जनता दरबार की शुरूआत कांग्रेस भवन में की। इस जनता दरबार में फरियादियों की समस्या का समाधान नहीं होने से आम लोग संतुष्ट नहीं दिखे। हद तो तब हो गई जब स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के व्यवहार से दुखी फरियादी कांग्रेस भवन में ही रोने लगे। यह नजारा तब दिखा जब 2013 से 2019 तक रांची सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में सुरक्षा गार्ड की नौकरी से हटाए गए पीड़ित अपनी परेशानी लेकर मंत्री के पास पहुंचे थे। पीड़ित सुरक्षा गार्ड मोमिन अंसारी ने स्वास्थ्य मंत्री पर इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलने की बात कहकर अशोभनीय व्यवहार करने का आरोप लगाया। पीड़ित सुरक्षा गार्ड मोमिन अंसारी ने स्वास्थ्य मंत्री से अब तक 25 से ज्यादा बार मिलने की बात कहते हुए कहा कि उनके जैसे 155 सुरक्षा गार्ड हैं। जिन्हें अब तक स्वास्थ्य मंत्री का आश्वासन मिलता रहा है। मगर आज जैसे ही जनता दरबार में मिलने पहुंचे उन्होंने सीधे कह दिया कि बेकार में मिलने के लिए आ जाते हो। हम कुछ नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री से मिलो हमसे नहीं होगा। स्वास्थ्य मंत्री का यह बोलने के बाद लगता है कि मर जाएं। 2019 तक महज 3500 के मामूली मानदेय पर कार्यरत कर्मियों को बाद में 6400 दिया गया और घर के नजदीक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। धरना पर बैठने पर हमलोगों को हेमंत सोरेन ने चुनाव के वक्त आकर आश्वासन भी दिया था। मगर चुनाव जीतने के बाद हमलोगों ठगे महसूस कर रहे हैं। इधर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सुरक्षा गार्ड की समस्या को पेंचीदा बताते हुए समाधान नहीं होने की बात कही है। मंत्री के जनता दरबार में खलारी से आये एक निशक्त कृष्णा साव को आर्टिफिशियल लींब लगाने का आश्वासन दिया। पीड़ित के परिजन ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य मंत्री घोषणा के अनुरूप जरूर पहल करेंगे। कृष्णा साव को एक पांव में ट्यूमर हो जाने के बाद पांव को काटना पड़ा था। स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष लोग इस उम्मीद के साथ आये कि उनका समाधान होगा। मगर मंत्री के द्वारा दो टूक जवाब दिये जाने से मर्माहत फरियादी इतने दुखी हुए कि अपना आंसू रोक नहीं पाए।

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