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वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर में मंदिर था या मस्जिद इसका सर्वे आज से एएसआई की टीम ने शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश शासन ने शहर में हाई अलर्ट जारी किया है। हिंदू पक्ष ने जहां सर्वे में सहयोग की बात कही है वहीं, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जिला जज के आदेश के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का हवाला देकर सर्वे की तिथि आगे बढ़ाने की मांग रखी है।
झाड़ू और फावड़े से लेकर अत्याधुनिक मशीनें
सर्वे के काम लिए झाड़ू और फावड़े से लेकर अत्याधुनिक मशीनें तक अंदर ले जाई गई हैं। काशी विश्वनाथ धाम का गेट नंबर चार पहले की ही भांति बंद है। श्रद्धालु उसके बगल से पूर्व की तरह दर्शन पूजन के लिए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन भी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में हैं।
सर्वे का काम शुरू करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति
आधुनिक मशीनों संग ज्ञानवापी पहुंची एएसआई की 43 सदस्यीय टीम अभी परिसर का निरीक्षण कर रही है। मुस्लिम पक्ष का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है। मुस्लिम पक्ष की गैरमौजूदगी के कारण सर्वे का काम शुरू करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। सर्वे के काम में सहयोग के लिए पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की टीम को भी लगाया गया है।
पांच से छह दिन में पूरा हो सकता है परिसर का सर्वे
इसके बाद सर्वे में सामने आने वाले हर छोटी से छोटी वस्तु को बतौर प्रमाण जुटाएंगे। एएसआई की टीम पांच से छह दिन में पूरे परिसर का सर्वे पूरा कर सकती है। ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे से दुनिया के सामने सच सामने आएगा। बड़े विवाद के हल की उम्मीद भी बंधी है।
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