गूगल पे ने ‘पॉकेट मनी’ नामक एक नया फीचर पेश किया है, जो परिवारों के लिए डिजिटल पेमेंट को और अधिक सरल और स्मार्ट बना देता है। इस फीचर की मदद से माता-पिता सीधे अपने बच्चों या परिवार के सदस्यों को पैसे भेज सकते हैं, बिना किसी अलग बैंक अकाउंट की आवश्यकता के। साथ ही, वे यह भी नियंत्रित कर सकते हैं कि पैसा कहां और कैसे खर्च किया जाएगा। आइए जानते हैं कि यह फीचर कैसे काम करता है और इसका उपयोग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्या है Google Pay का Pocket Money फीचर?
पॉकेट मनी, वास्तव में UPI सर्कल का एक हिस्सा है, जो पेमेंट को और भी सरल और नियंत्रित बनाता है। इसमें एक प्राइमरी यूजर (जैसे कि माता-पिता) अपने बैंक अकाउंट से किसी सेकेंडरी यूजर (जैसे कि बच्चे) को खर्च करने की अनुमति दे सकते हैं।
आसान शब्दों में कहें तो अब बच्चे GPay का उपयोग करके अपनी छोटी-मोटी जरूरतों का पेमेंट स्वयं कर सकते हैं, लेकिन पैसा प्राइमरी यूजर के अकाउंट से ही कटेगा। नियंत्रण और लिमिट पूरी तरह से माता-पिता के हाथ में रहेगा।
कैसे काम करता है यह फीचर?
इस फीचर का उपयोग करना बेहद सरल है। सबसे पहले, माता-पिता के पास GPay से जुड़ा हुआ एक सक्रिय बैंक अकाउंट होना चाहिए। इसके बाद, वे अपने बच्चों, परिवार के सदस्यों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को सेकेंडरी यूजर के रूप में जोड़ सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि एक समय में अधिकतम 5 लोग ही जोड़े जा सकते हैं।
यह सुनिश्चित करें कि जिसे जोड़ा जाना है, उसके फोन में GPay ऐप इंस्टॉल और उसका नंबर रजिस्टर होना चाहिए। एक बार जोड़ने के बाद, सेकेंडरी यूजर आसानी से UPI पेमेंट कर सकता है, लेकिन पैसा सीधे प्राइमरी यूजर के बैंक अकाउंट से ही कटेगा। इसका मतलब है कि नियंत्रण पूरी तरह से माता-पिता के हाथ में रहेगा।
Pocket Money फीचर की कंट्रोल, लिमिट और सेफ्टी
पॉकेट मनी फीचर की एक प्रमुख विशेषता इसका पूरा नियंत्रण और लचीलापन है। माता-पिता अपने अनुसार दो तरीके चुन सकते हैं। पहले विकल्प में, वे हर महीने ₹15,000 तक की लिमिट सेट कर सकते हैं, जिसके भीतर बच्चा बिना बार-बार पूछे खुद पेमेंट कर सकता है, बिल्कुल एक प्रीपेड अलाउंस की तरह।
दूसरे विकल्प में, हर ट्रांजैक्शन पर माता-पिता की मंजूरी आवश्यक होती है। बच्चे को पहले रिक्वेस्ट भेजनी होगी और केवल माता-पिता की स्वीकृति के बाद ही पेमेंट होगा। यह छोटे बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित रहता है।
साथ ही, सुरक्षा के लिए KYC वेरिफिकेशन भी अनिवार्य है। इसमें माता-पिता को अपना रिश्ता और सरकारी आईडी की पुष्टि करनी होती है, जिससे सिस्टम पारदर्शी बना रहता है और गलत इस्तेमाल की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
Google Pay पर Pocket Money कैसे सेट करें?
- सबसे पहले GPay ऐप खोलें।
- प्रोफाइल सेक्शन में जाकर UPI सर्कल के अंदर पॉकेट मनी सेट करने वाला विकल्प चुनें।
- अब उस व्यक्ति को चुनें जिसे आप जोड़ना चाहते हैं।
- इसके बाद उसका UPI सर्कल वाला QR कोड स्कैन करें।
- अब अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सेटिंग चुनें। या तो मासिक लिमिट तय करें या हर पेमेंट पर अपनी मंजूरी रखें।
- फिर अपनी और सेकेंडरी यूजर की जानकारी भरें, जैसे आप दोनों का रिश्ता और उसका आधार नंबर।
- अंत में, अपना UPI पिन डालकर इनवाइट भेज दें।

