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विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास: संजय मांजरेकर की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया था। कोहली के इस फैसले पर कई चर्चाएँ हुई हैं, जहाँ कुछ लोग उनके समर्थन में खड़े हैं, वहीं अन्य उनकी आलोचना कर रहे हैं। अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज और प्रसिद्ध कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने इस पर निराशा व्यक्त की है। उनका मानना है कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को बहुत जल्दी अलविदा कहा और उन्हें थोड़ा और संघर्ष करना चाहिए था।
संजय मांजरेकर का नजरिया
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में संजय मांजरेकर ने कहा कि जिस समय जो रूट जैसे खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, उसी समय विराट का इस फॉर्मेट को छोड़ देना अधिक खटकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कोहली के समकक्ष खेलने वाले खिलाड़ी जैसे जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन अब भी टेस्ट क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
मांजरेकर की चिंताएँ
मांजरेकर के अनुसार, कोहली ने संन्यास लेने से पहले के लगभग पांच वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में सुधार की दिशा में पूरी कोशिश नहीं की। उनका कहना था कि अगर कोहली अपनी कमजोरी पर काम करते, तो वह कुछ समय के लिए टीम से बाहर बैठने का भी निर्णय ले सकते थे। उन्हें इस बात से विशेष दिक्कत हुई कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के बावजूद वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखा।
‘असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में है’
संजय मांजरेकर ने यह भी कहा कि टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज के लिए वनडे क्रिकेट सबसे सरल प्रारूप माना जाता है। असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में होती है, जहाँ धैर्य, तकनीक, और मजबूत मानसिकता की आवश्यकता होती है। उन्होंने ऐसा सिद्धांत दिया कि यदि कोहली तीनों फ़ॉर्मेट से एकसाथ संन्यास लेते तो यह समझ में आता, लेकिन केवल टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे खेलना उन्हें उचित नहीं लगा। मांजरेकर ने यह भी बताया कि विराट कोहली की फिटनेस आज भी शानदार है, इसलिए वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए कुछ और वर्ष संघर्ष कर सकते थे।
कोहली की बल्लेबाज़ी में कमजोरी
विराट कोहली का टेस्ट प्रदर्शन 2020 से 2025 के बीच कुछ खास नहीं रहा। इस दौरान उन्होंने 39 टेस्ट मैचों में 30.72 की औसत से 2028 रन बनाये, जिसमें 3 शतक और 9 अर्धशतक शामिल थे। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदें उनकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने उन्हें पांच बार आउट किया। अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में कोहली ने 9 पारियों में केवल 190 रन बनाये, जिसमें एक शतक शामिल है।
विराट कोहली का टेस्ट करियर
विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में कुल 123 मैच खेले और 9230 रन बनाये। उनके नाम 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी औसत 46.85 है। हालाँकि, 2019 के अंत तक उनका औसत लगभग 55 था, जो बाद के वर्षों में काफी गिर गया।
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