रांची। जुमार पुल के समीप पानी से भरे गड्ढे में गिरने से पांच साल के बच्चे नमन की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में गड्ढ़ा खोदकर छोड़ने वाले सहित पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है।
नमन अपनी मां अंजलिना कुजुर के साथ माहेर आश्रम में रहता था। आश्रम की सिस्टर ने बताया कि 14 मार्च को दोपहर में नमन अपनी मां के साथ खेल रहा था। इसी बीच, नमन ने अपनी मां से मोबाइल मांगा। मां मोबाइल लेने के लिए आश्रम के अंदर गई और वापस लौटी तो बच्चा लापता था।
आश्रम के पीछे का हिस्से का घेरा टूटा हुआ था। उसी से नमन निकल गया। नमन की मां ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिला। घटना की सूचना सदर पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और दो दिन के बाद 16 मार्च को पुलिस आश्रम पहुंची।
सिस्टर ने कहा कि दो दिन बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की लेकिन बच्चा नहीं मिला। विद्यालय में लगे सीसीटीवी का फुटेज खंगाला गया तो बच्चा उसमें कहीं नहीं दिखा। पुलिस सतर्क रहती तो बच्चे के बारे में पहले ही जानकारी मिल जाती लेकिन पुलिस ने पूरे मामले में सुस्ती दिखाई।
माहेर आश्रम की सिस्टर ने बताया कि 16 मार्च को पुलिस मौके पर पहुंची। गड्ढे में बच्चे को खोजने का प्रयास किया गया। उसमें पानी भरा था। पुलिस के जवानों ने हाथ लगाकर देखा, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। शनिवार को गढ्ढे में मोटर लगाकर पानी निकाला गया। इसके बाद शव मिला। बच्चे के पिता हाबिल कुजूर आश्रम में ड्राइवर हैं।
माहेर आश्रम की सिस्टर ने बताया कि आश्रम के पीछे 20 दिन पहले जुडको द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। लेकिन अभी तक उसमें पाइप बिछाने का काम पूरा नहीं हुआ। गड्ढा को उसी तरह छोड़ दिया गया। इस वजह से वहां फिसलन की स्थिति बन गई है।
बच्चा खेलते हुए गढ्ढे के पास पहुंचा और उसमें फिसल कर गिर गया। जुडको की लापरवाही की वजह से नमन की मौत हो गई। शहर के कई अन्य इलाकों में भी जुडको द्वारा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। आए दिन लोग उस गढ्ढे में गिरकर जख्मी हो रहे हैं। बार-बार जुडको से इसकी शिकायत की जाती है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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