झारखंड में माताओं को खिलाई जा रही हैं ‘नकली’ दवाईयां, सरकार मौन

by VidyaVidya
Published: Updated:
झारखंड में मां के पेट में ही बच्चों को खिलाई जा रही  हैं 'नकली' दवाईयां, लैब टेस्ट में फेल, फिर भी करोड़ों की खरीद ;  कंपनी पर कार्रवाई से डरती है सरकार ?

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

पलामू में नकली दवाओं का गंभीर मामला

पलामू जिले में गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली एक महत्वपूर्ण दवा नकली साबित हुई है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि कई दवाइयां जो विटामिन और कैल्शियम की कमी को दूर करने का दावा करती हैं, वास्तविकता में मानक गुणवत्ता की नहीं हैं।औषधि विभाग की टीम ने पलामू के सरकारी स्टोर में दवाओं की जांच की, जिससे चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। कैल्शियम और विटामिन D3 की टैबलेट, Aemcal-D3, को केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला द्वारा मानक गुणवत्ता से कम (Not of Standard Quality) पाया गया है।

कौन बना रहा है ये नकली दवाएं?

इन टैबलेट्स के निर्माता Vzoic Healthcare Pvt. Ltd. और हिमाचल प्रदेश की Mercury Pharmaceuticals हैं, जिनके नमूने भी जांच में फेल पाए गए हैं। इसके अलावा, रुड़की की Helax Health Care Private Limited द्वारा सप्लाई की गई दवाएं भी मानक पर खड़ी नहीं उतर सकीं।इन विटामिन की गोलियों की खरीद पर 2 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। झारखंड में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में बेची जाने वाली सैकड़ों दवाएं लैब टेस्ट में फेल हो रही हैं, लेकिन दवा माफिया के प्रभाव के चलते अधिकारी उचित कदम उठाने से डरते हैं।

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