हाथी का हमला: महुआ चुनने गए तीन लोगों की रामगढ़ में गई जान।

Elephant Attack : महुआ चुनने निकले थे, सामने आ गई मौत, रामगढ़ में हाथियों ने ले ली तीन की जान

एक नज़र में पूरी खबर

  • रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों के हमले में तीन ग्रामीणों की मृत्यु और कई अन्य घायल हुए हैं।
  • वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की है और घायलों के इलाज का खर्च भी उठाने का आश्वासन दिया है।
  • स्थानीय ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया और प्रशासन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक चिंताजनक घटना सामने आई है। शुक्रवार को गोला प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों के एक समूह ने हमला कर दिया, जिससे तीन ग्रामीणों की मृत्यु हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।

रामगढ़ में जंगली हाथियों का हमला: घटना का विवरण

वन विभाग के डीएफओ नीतीश कुमार के अनुसार, हाथियों का झुंड सबसे पहले बंदा गांव में स्थित एक ईंट भट्ठे पर पहुंचा, जहां काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में कुजू निवासी धीरज भुईंया और पतरातू प्रखंड के ताराटांड़ गांव के युगल भुईंया की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला।

मुरपा गांव में भी हमला: बुजुर्ग की मृत्यु

ईंट भट्ठे पर हमला करने के बाद, हाथियों का झुंड मुरपा गांव की ओर बढ़ा। यहां महुआ चुन रहे 74 वर्षीय श्यामदेव साहू को हाथियों ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके अलावा, सूतरी धोड़धोड़िया बस्ती में महुआ चुन रही एक महिला पर भी हाथी ने हमला किया, जिससे उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल महिला को गोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

मुआवजा और राहत: वन विभाग की त्वरित सहायता

वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत प्रदान की है। अंतिम संस्कार के लिए प्रति मृतक 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, शेष 3.75 लाख रुपये की मुआवजा राशि पोस्टमार्टम और एफआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी। घायलों के इलाज का खर्च भी वन विभाग द्वारा उठाया जा रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश: मुआवजे की मांग

घटना के बाद मृतकों के परिजन और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने ईंट भट्ठा परिसर में हंगामा किया और उचित मुआवजे की मांग की। परिजनों ने अतिरिक्त एक लाख रुपये की सहायता की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, ईंट भट्ठा संचालक आकाश ने मृतकों के परिजनों को 40-40 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमत हुए।

बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष: प्रशासन की तैयारी

रामगढ़ समेत झारखंड के अन्य क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे जंगल और आसपास के क्षेत्रों में अकेले न जाएं। साथ ही, लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने का आग्रह किया गया है।

विषय के बारे में (About the Topic)

रामगढ़

भारत में एक प्रांत छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर विकास खंड में एक ३१० मीटर ऊँची पहाड़ी है इसके समीपवर्ती इलाके को रामगढ़ कहते...

विकिपीडिया पर और पढ़ें ↗

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More