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झारखंड में कमीशनखोरी की जांच तेज, ईडी ने इंजीनियरों को बुलाया
रांची: झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी के मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिर से जांच में गति ला दी है। ईडी की टीम ने विभाग के कई इंजीनियरों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इनमें से कुछ इंजीनियरों को रांची के हिनू स्थित ईडी कार्यालय में अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया है। जांच के दौरान ग्रामीण विकास विभाग में मनी लाउंड्रिंग के आरोपों को लेकर पहले ही 22 लोगों के खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप पत्र दायर किया जा चुका है।
कमीशनखोरी के खिलाफ नई जांच
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने ग्रामीण विकास विभाग में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान कमीशन वसूली के पूरे तंत्र की जांच करने का निर्णय लिया है। इस जांच में दर्जन भर इंजीनियर शामिल हैं, जिनमें कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता भी शामिल हैं। यह रैकेट ठेकेदारों से राशि वसूलने के बाद इसे बड़े अधिकारियों तक पहुँचाता है, जिस पर ईडी की विशेष निगाह है।
अलकतरा घोटाले में पूर्व मंत्री बरी
इसी बीच, अलकतरा घोटाले में पूर्व मंत्री इलियास हुसैन समेत 17 व्यक्तियों को सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कई अहम फैसले सुनाए हैं।
जांच में शामिल प्रमुख नाम
इस दौरान विभाग के तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल, साथ ही अन्य करीबी सहयोगियों जैसे जहांगीर आलम को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों में संजीव लाल की पत्नी रीता लाल और मुख्य अभियंता बिरेंद्र राम की पत्नी राजकुमारी भी शामिल हैं। इस मामले में सीए और हवाला कारोबारी भी संबंधित हैं।
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